Bokaro: बोकारो ट्रेजरी से करोड़ों रुपये की संदिग्ध निकासी के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक रिपोर्ट में जहां एक दारोगा के वेतन मद में 3.15 करोड़ रुपये निकासी की बात सामने आई थी, वहीं जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा बढ़कर 4.29 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। पूरे मामले में लेखापाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

अखबार की खबर के बाद हरकत में आई पुलिस
6 अप्रैल 2026 को एक अखबारों में प्रकाशित खबर के बाद बोकारो पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) और नगर डीएसपी को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। इसके बाद जांच टीम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लेखा शाखा में पड़ताल शुरू की।
पहले किया इंकार, फिर खुली पोल
एसपी बोकारो हरविंदर सिंह ने कहा कि जांच के दौरान लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय से पूछताछ की गई। शुरुआत में उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया। लेकिन जब e-Kuber DDO लेवल बिल मैनेजमेंट सिस्टम पर जांच की गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

63 बार में 4.29 करोड़ की फर्जी निकासी
जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान सेवानिवृत्त हवलदार उपेन्द्र सिंह के नाम पर 25 महीनों में कुल 63 बार में 4,29,71,007 (4 29 crores) रुपये की निकासी की गई। यह निकासी एक ही बैंक खाते में की गई, जो पूरी तरह फर्जी तरीके से संचालित किया गया था।
पत्नी के खाते में डाले पैसे
सख्ती से पूछताछ के बाद लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उन्होंने बताया कि हवलदार उपेन्द्र सिंह, जो जुलाई 2016 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनके नाम, जन्मतिथि और बैंक खाता विवरण को पोर्टल पर बदलकर फर्जी निकासी की गई। निकाली गई राशि उनकी पत्नी अनु पाण्डेय के खाते में ट्रांसफर की गई।
मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार
इस पूरे मामले में जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाबचन्द उरांव के आवेदन के आधार पर बीएस सिटी थाना में कांड संख्या 62/26 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने 7 अप्रैल को आरोपी लेखापाल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
जप्त किए गए सामान, आगे की जांच जारी
पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब इस घोटाले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह मामला सरकारी सिस्टम में बड़ी खामी और निगरानी की कमी को उजागर करता है, जिस पर प्रशासन अब सख्त नजर बनाए हुए है।
बोकारो ट्रेजरी घोटाले पर पुलिस एसोसिएशन सख्त
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने बोकारो कोषागार से सेवानिवृत्त एएसआई के नाम पर करोड़ो की अवैध निकासी को गंभीर मामला बताया है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि 20 माह तक हर महीने करीब 15 लाख रुपये निकाले गए, जो सिस्टम की बड़ी लापरवाही दर्शाता है। एसोसिएशन ने डीडीओ और कोषागार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही सभी इकाइयों में नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने की बात कही गई है।

