Bokaro : बोकारो के सिटी थाना क्षेत्र स्थित को-ऑपरेटिव कॉलोनी के प्लॉट नंबर 67 में बंद आवास से मिले मां-बेटे के शवों की जांच में फिलहाल मौत के कारणों के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया। वहीं, रांची से पहुंची फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने भी घर की बारीकी से जांच की और फिंगरप्रिंट समेत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया।

घर के चप्पे-चप्पे की हुई फॉरेंसिक जांच
फॉरेंसिक टीम ने बंद मकान के अलग-अलग हिस्सों की जांच की। टीम ने संभावित फिंगरप्रिंट, घटनास्थल से जुड़े अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य और संदिग्ध परिस्थितियों को खंगाला। जांच के दौरान ऐसा कोई स्पष्ट निशान सामने नहीं आया, जिससे प्रथम दृष्टया यह साबित हो कि दोनों की हत्या की गई है।
बेटे के शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान
पोस्टमार्टम के दौरान 30 वर्षीय नितेश के शरीर पर चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले। चिकित्सकों के अनुसार उसका शरीर काफी कमजोर प्रतीत हो रहा था। प्रारंभिक तौर पर ऐसा लग रहा है कि उसने कई दिनों से पर्याप्त भोजन नहीं किया था। पुलिस को आशंका है कि अत्यधिक कमजोरी के कारण वह बाथरूम में गिर गया होगा और उसकी मौत हो गई।

मां का शव कई दिनों से पड़ा होने का अनुमान
60 वर्षीय अनीता देवी का शव घर के ग्राउंड फ्लोर स्थित बाथरूम में मिला था। पुलिस और चिकित्सकों के अनुसार शव कई दिनों से पड़ा होने के कारण उसमें सड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। वहीं, नितेश का शव पहली मंजिल के बाथरूम से बरामद हुआ था और उसकी स्थिति अपेक्षाकृत अलग थी। इससे दोनों की मौत अलग-अलग समय पर होने की आशंका मजबूत हुई है।
विसरा सुरक्षित, रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
मेडिकल बोर्ड ने दोनों शवों का विसरा सुरक्षित कर लिया है। इसे आगे वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम और विसरा जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। शवों को बीजीएच के मोर्चरी में रखा गया है।
तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
पोस्टमार्टम के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था। इसमें चास अनुमंडल अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. आभा इंदु तिर्की, डॉ. रीना कुमारी और डॉ. रेखा कुमारी शामिल थीं।
रातभर पुलिस ने की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी के निर्देश पर डीएसपी सिटी राजीव रंजन के नेतृत्व में सिटी थाना प्रभारी सुदामा कुमार और पुलिस टीम ने रातभर घटनास्थल पर जांच की। पुलिस ने घर के अंदर की परिस्थितियों, शवों की स्थिति और आसपास के लोगों से मिली जानकारी के आधार पर विभिन्न पहलुओं को खंगाला।
बदबू आने पर पड़ोसियों ने दी थी पुलिस को सूचना
बता दें कि गुरुवार को को-ऑपरेटिव कॉलोनी स्थित बंद मकान से दुर्गंध आने के बाद पड़ोसियों को संदेह हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घर का दरवाजा खुलवाने के बाद अलग-अलग बाथरूम से मां-बेटे के शव बरामद किए। बिजली कनेक्शन भी कई दिनों से बंद होने की बात सामने आई थी। दोनों माँ-बेटे आर्थिक तनाव से गुजर रहे थे।
मानसिक रूप से अस्वस्थ था नितेश
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि नितेश मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहा था। पुलिस को आशंका है कि मां की मौत बाथरूम में गिरने के कारण हुई होगी। इसके बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ और कमजोर नितेश भी पहली मंजिल के बाथरूम में गिर गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पोस्टमार्टम, विसरा और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मौत की परिस्थितियों की अंतिम पुष्टि होगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।


