Bokaro: वैश्विक बाजार में जारी अनिश्चितताओं के बीच स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को और मजबूत किया है। कंपनी ने ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण, लागत अनुकूलन और वैल्यू-एडेड व विशेष इस्पात उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही क्षमता विस्तार योजनाओं को भी गति दी जाएगी, जो केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत @2047’ विजन के अनुरूप हैं।

मुनाफे और वित्तीय प्रदर्शन में दर्ज हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2025-26 में SAIL ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया। कंपनी का एबिटडा (EBITDA) पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.75 प्रतिशत बढ़ा। वहीं टैक्स के बाद लाभ (PAT) में लगभग 50 प्रतिशत और टैक्स से पहले लाभ (PBT) में करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी ने अपने कुल कर्ज में भी 8,148 करोड़ रुपये की कमी कर वित्तीय स्थिति को और सुदृढ़ बनाया।
CMD ने बताई आगे की रणनीति
SAIL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा ने कहा कि विपणन पहलों, उत्पादन क्षमता में सुधार, परिचालन दक्षता और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के कारण कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। उन्होंने कहा कि FY27 में कंपनी का मुख्य फोकस ग्राहकों की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने, लागत घटाने और विशेष इस्पात उत्पादों के पोर्टफोलियो का विस्तार करने पर रहेगा।

प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए कई नई पहल
पिछले वित्त वर्ष के दौरान SAIL ने रिटेल नेटवर्क विस्तार, डिलीवरी सिस्टम में सुधार, निर्यात बढ़ाने, बाजार विविधीकरण, वेयरहाउस आधुनिकीकरण और ब्रांड प्रमोशन जैसी कई पहलें कीं। इन प्रयासों से कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और बाजार पहुंच मजबूत हुई।
सस्टेनेबल स्टील निर्माण पर विशेष जोर
कंपनी ने पर्यावरणीय लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए कोक रेट, फ्यूल रेट, ब्लास्ट फर्नेस उत्पादकता और ऊर्जा दक्षता जैसे क्षेत्रों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसके अलावा 28 नए उत्पाद विकसित किए गए, जिससे ग्राहकों की विविध जरूरतों को पूरा करने की क्षमता बढ़ी है। SAIL ने भविष्य में भी हरित तकनीकों को अपनाने और टिकाऊ स्टील उत्पादन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

