Bokaro: सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज इस्पात कंपनी Steel Authority of India Limited (SAIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने इस अवधि में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन करते हुए ₹1,636 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) दर्ज किया है।

पिछले साल की तुलना में मुनाफे में 138% से अधिक की बढ़ोतरी
SAIL के अनुसार, Q1 FY27 में कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 138 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। कंपनी ने वैश्विक अनिश्चितताओं और आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बीच बेहतर परिचालन दक्षता, लागत नियंत्रण और प्रभावी विपणन रणनीति के जरिए यह उपलब्धि हासिल की।

Q1 FY27 में कंपनी का प्रदर्शन
कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में SAIL ने 4.76 मिलियन टन क्रूड स्टील का उत्पादन किया। इस दौरान बिक्री मात्रा 4.16 मिलियन टन रही। कंपनी का परिचालन से राजस्व Rs 26,246 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि EBITDA Rs 4,356 करोड़ रहा। वहीं, असाधारण मदों से पहले कर पूर्व लाभ (PBT) Rs 2,303 करोड़ रहा।
उत्पादन में अस्थायी कमी, लेकिन भविष्य के लिए रणनीतिक कदम
SAIL ने बताया कि पहली तिमाही में उत्पादन और बिक्री मात्रा में पिछले वर्ष की तुलना में कुछ कमी आई। कंपनी ने वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों से उत्पन्न आपूर्ति श्रृंखला जोखिमों को देखते हुए निर्धारित मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों को पहले ही पूरा करने का निर्णय लिया। कंपनी के अनुसार, यह एक योजनाबद्ध कदम था, जिससे आने वाली तिमाहियों में उत्पादन स्थिरता बढ़ेगी और परिचालन प्रदर्शन में सुधार होगा।
चेयरमैन ने बताया घरेलू मांग को मजबूत आधार
SAIL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा, “वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू इस्पात उद्योग ने मजबूती दिखाई है। घरेलू स्टील खपत में लगातार मांग बनी हुई है। SAIL ने परिचालन दक्षता, बेहतर लागत प्रबंधन और केंद्रित विपणन पहलों के माध्यम से वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उल्लेखनीय लाभ हासिल किया है।” उन्होंने कहा कि कंपनी अपनी मजबूत विनिर्माण क्षमता का लाभ उठाते हुए प्रदर्शन को और बेहतर बनाने तथा घरेलू स्टील मांग का लाभ उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आने वाली तिमाहियों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
SAIL प्रबंधन ने भरोसा जताया है कि मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों के पूरा होने के बाद उत्पादन क्षमता में सुधार होगा और आने वाली तिमाहियों में कंपनी बेहतर प्रदर्शन दर्ज करेगी। घरेलू बुनियादी ढांचा विकास और स्टील की बढ़ती मांग को कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

