Bokaro: सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने आने वाले दो वर्षों में अपने कर्मचारियों की संख्या में हर साल लगभग 3,400 से 3,500 की कमी होने की संभावना जताई है। यह कमी रिटायरमेंट, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) और परिचालन स्तर पर बदलावों के कारण होगी।

कंपनी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 तक कर्मचारियों की संख्या घटकर 49,752 रह गई है, जबकि एक वर्ष पहले यह 53,159 थी। SAIL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अशोक कुमार पांडा ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 और 2028 में भी इसी तरह की गिरावट देखने को मिलेगी, हालांकि जरूरत के अनुसार सीमित भर्ती जारी रहेगी।
हर साल घटेंगे हजारों कर्मचारी, VRS से भी कटौती की तैयारी
पांडा ने कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि कंपनी का अनुमान है कि अगले दो वर्षों में भी लगभग 3,400 से 3,500 कर्मचारियों की कमी प्रति वर्ष होगी। इसके साथ ही SAIL ने एक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना भी शुरू की है, जिसके तहत 500 से 1,000 कर्मचारियों की अतिरिक्त कटौती संभव है।

उत्पादन बढ़ाने की रणनीति, क्षमता से ऊपर लक्ष्य
SAIL का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 में लगभग 22.5 मिलियन टन क्रूड स्टील उत्पादन का है, जबकि इसकी स्थापित क्षमता करीब 21 मिलियन टन है। कंपनी का कहना है कि उत्पादन को तकनीकी दक्षता और बेहतर कच्चे माल के जरिए क्षमता से ऊपर ले जाया जाएगा।
छोटे प्लांट बंद, बड़े यूनिट पर फोकस
कंपनी ने दक्षता बढ़ाने के लिए छोटे भट्ठों को बंद कर बड़े यूनिट्स से उत्पादन बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। वित्त वर्ष 2027 में बिक्री मात्रा करीब 22 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है, जो FY26 में लगभग 20 मिलियन टन थी।
बोकारो सहित बड़े प्लांटों में विस्तार योजना
SAIL ने FY27 में लगभग 15,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय (CAPEX) की योजना बनाई है, जो FY26 के 9,100 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। यह निवेश बोकारो, भिलाई और IISCO जैसे बड़े प्लांटों के विस्तार में किया जाएगा। आने वाले वर्षों में यह खर्च बढ़कर 20,000 से 25,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। कंपनी का फोकस लागत घटाने, क्षमता उपयोग बढ़ाने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने पर रहेगा।

