10 वर्षीय अनुबंध के बावजूद बकाया भुगतान नहीं करने और चेक बाउंस होने का मामला, नगर निगम की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच
Bokaro: चास नगर निगम के अमृत पार्क फेज-3 के संचालन को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। नगर निगम के सिटी मैनेजर रामकुमार श्रीवास्तव की शिकायत पर पिंड्राजोरा थाना में पार्क के संचालक कपिल अहमद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि पार्क संचालन से संबंधित निर्धारित राशि का भुगतान नहीं किया गया और निगम को दिया गया चेक भी बैंक से वापस लौट गया। चास नगर निगम के अपर नगर आयुक्त संजीव कुमार ने इसकी पुष्टि की हैं।

नगर निगम की ओर से दर्ज शिकायत में कहा गया है कि वार्ड संख्या-30 स्थित अमृत पार्क फेज-3 के संचालन एवं रखरखाव का दायित्व एक निजी कंपनी को 10 वर्षों के लिए सौंपा गया था। अनुबंध के अनुसार कंपनी को हर वर्ष 3.36 लाख रुपये से अधिक की राशि नगर निगम को देनी थी। साथ ही हर वर्ष पांच प्रतिशत की वृद्धि का भी प्रावधान तय किया गया था।
शिकायत के मुताबिक, 13 जुलाई 2024 को संचालक की ओर से लगभग 4.50 लाख रुपये का चेक निगम को सौंपा गया था। जब इस चेक को बैंक में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया गया तो वह बाउंस हो गया। निगम का दावा है कि कंपनी पर जीएसटी सहित कुल 8.55 लाख रुपये से अधिक की राशि अभी भी बकाया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए पिंड्राजोरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टेंडर प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
अमृत पार्क को लेकर पहले भी कई सवाल उठते रहे हैं। जानकारी के अनुसार प्रारंभिक स्तर पर पार्क संचालन के लिए तीन वर्षों की निविदा निकाली गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर दस वर्ष कर दिया गया। इसके अलावा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के नहीं रहने के दौरान पार्क परिसर में शादी एवं अन्य निजी समारोहों की अनुमति दिए जाने को लेकर भी चर्चा रही है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या ऐसी गतिविधियां मूल निविदा शर्तों के अनुरूप थीं या नहीं। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद पूरे मामले की जांच और अनुबंध से जुड़े निर्णयों पर भी नजरें टिक गई हैं।
(By CurrentBokaro Team)

