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धुम-धाम से मनाया गया चिन्मय विद्यालय का 47 वां स्थापना दिवस समारोह


Bokaro: चिन्मय विद्यालय बोकारो का तपोवन सभागार आज रसरंग सुरीले संगीत एवं उपलब्धि के प्रकाशपुंज से भरा रहा। चिन्मय विद्यालय का 47 वां स्थापना दिवस समारोह जिसमें इसके छात्रों के ज्ञान, विज्ञान, कला, संस्कृति, खेल कूद, समाज सेवा से जुड़े क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धि की झलक भी मिली, तो छात्रों में कूट-कूट कर राष्ट्र के प्रति प्रेम कि भी अभिव्यक्ति थी।

यह समारोह विद्यालय के तपोवन सभागार में आयोजित किया गया था। जिसके मुख्य अतिथि थे चास अनुमंडल के अनुमंडलाधिकारी (एस.डी.एम) श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत (आई.ए.एस)। इस कार्यक्रम में बच्चों एवं उनके अभिभावको की बड़ी भीड़ रही। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति की परंपरा अनुसार मुख्य अतिथि सहित सभी विशिष्ट अतिथियों को तिलक मिश्री एवं गुलदश्ता अर्पित कि गयी। तत्पश्चात शांतिपाठ के साथ अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की ।

अभिभावक सहित उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य सूरज शर्मा ने कहा कि 47वां स्थापना दिवस समारोह में आपकी उपस्थिति से मैं गौरव अनुभव कर रहा हूं । क्योंकि आपसे मेरा अपनों सा रिश्ता है। इसीलिए आपके सपनों को यथार्थ में बदलना मेरा पुनीत कर्तव्य है । आप सभी के सहयोग से विद्यालय के छात्रों ने सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। हमारे छात्र भारतीय प्रशासनिक सेवा,आई.आई.टी ,नीट मेडिकले, ओलंपियाड या क्लैट या अन्य कोई भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षा, खेलकूद , सामाजिक सेवा , अध्यात्म सभी क्षेत्रों में सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

उन्होंने विद्यालय की उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए कहा कि आपका सकारात्मक सहयोग हमेशा से मिला है और आशा करता हूं इसी प्रकार आगे भी मिलता रहेगा । तो निश्चित ही यह विद्यालय देश का सर्वश्रेष्ठ विद्यालय बनेगा। मुख्य अतिथि के रूप में अनुमंडलाधिकारी (एस.डी.एम) श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी मैं किसी विद्यालय में जाता हूं तो बच्चों से एक लगाव महसूस करता हूं । मुझे अपने विद्यालय की याद आती है ।

उन्होंने अभिभावकों एवं छात्रों से अपील किया की पढ़ाई एवं खेलकूद के अलावा सभी को-करिकुलर एक्टिविटी में भाग ले। इस नए जमाने के अनुसार व्यक्तित्व का विकास होगा जिसकी देश को जरूरत है उन्होंने अभिभावको से अनुरोध किया कि बच्चै को मोबाइल एवं सोशल मीडिया से दूर रखें । उन्हें इसके दुष्प्रभाव के बारे में भी शिक्षित करें ।

विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुख्य अतिथी को शाॅल और पुस्तक भेट कर सम्मानित किया गया।

आज 150 से अधिक बच्चों को मिला प्रतिभा सम्मान अलंकरण

लाइवा उस्मानी एवं खुशी किरण को बोर्ड एग्जाम में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए ₹15000 रुपए नगद देकर सम्मानित किया गया। दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सत्र 2022-23 के डेढ़ सौ से अधिक बच्चों को उनकी शैक्षिक उपलब्धि के लिए स्वर्ण एवं रजत पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

विद्यालय की दो प्रतिभाशाली छात्रा लाइवा उस्मानी और खुशी किरण को 2022-23 के सी.बी.एस.ई माध्यमिक परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए ₹15000-₹15000 नगद राशि देकर सम्मानित किया गया । उन्होंने कहा कि कठोर पुरुषार्थ का दिव्य अलंकार ही पारितोषिक है जो हमेशा संघर्ष, परिश्रम एवं पुरुषार्थ के लिए प्रेरित करता रहता है ।

प्रारंभ से लेकर अंत तक पूरा कार्यक्रम गीत संगीत एवं नृत्य से भरा रहा जिसमें एक भारत – श्रेष्ठ भारत तथा शिक्षा का मूल उद्देश्य क्या हो (चिन्मय विजन प्रोग्राम) की झलक दिखी । कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के मुख्य समन्वयक नरमेंद्र कुमार ने उपस्थित गणमान्य अतिथि सहित सभी छात्रों ,अभिभावको, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों को हार्दिक धन्यवाद दिया।

इस कार्यक्रम में चिन्मय एलुमिनी ऐशोसिएशन की ओर से राजीव मालवीय बरीय अधिवक्ता चास कोर्ट एवं कुमार सिल्पी ने चिन्मय विद्यालय में बिताऐ आनंदमय क्षणों को स्मरण करते हुए अपने उद्गार व्यक्त किए । उन दोनों ने कहा कि चिन्मय विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ वह सब गुण प्रदान करता है, वह कौशल प्रदान करता है, उन क्षमताओं को विकसित करता है जो आपको संपूर्ण मानव बनाता है, एक सफल जीवन जीने की कला सिखाता है।

इस साल का पूरा कार्यक्रम बच्चों का , बच्चों के लिए, बच्चों के द्वारा निर्मित एवं संचालित किया गया कार्यक्रम था। बच्चों ने अपने नेतृत्व कौशल का परिचय देते हुए कार्यक्रम का निरूपण एवं सफल संचालन किया । शिक्षक केवल मार्गदर्शक की भूमिका में थे। जिन छात्र-छात्राओ ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई थी उन के नाम इस प्रकार है – अनुश्री ,अंजना, एंजेल सिंह ,दर्शना एवं विद्यार्थी परिषद के सभी सदस्य गण ।

एंजल सिह ने बड़े की क्रमबद्ध तरीके से विद्यालय के 46 वर्ष के विकास का वर्णन किया । तपोवन सभागार के नक्षत्र मंडल में मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य के साथ ये महाविभूति कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे थे परम पूज्या स्वामिनी संयुक्तानंद सरस्वती, विश्वरूप मुखोपाध्याय, महेश त्रिपाठी, आर एन मल्लिक , राजीव मालवीय कुमार सिल्पी । कार्यक्रम का समापन विद्यालय गान से किया गया।


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