Bokaro: रविवार को की गई छापेमारी और अवैध ईंधन कारोबार के खुलासे के बाद यह तथ्य भी सामने आया है कि पूरा गोरखधंधा बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के जमीन को अतिक्रमण कर चलाया जा रहा था। यह गंभीर मामला बीएसएल की भूमि निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण में बड़ी चूक को उजागर करता है। इतने दिनों से चल रहा यह धंधा बीएसएल के लैंड अलॉटमेंट से लेकर इंटेलिजेंस तक को खुली आँखों से “नजर ही नहीं आया”।

एक गिरफ्तार, टैंकर जब्त, दो FIR दर्ज
इस कार्रवाई में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और एक टैंकर को जब्त किया गया है। वहीं सोमवार को सेक्टर 12 और बालिडीह थाना में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।

एसडीओ के नेतृत्व में बड़ी छापेमारी

बता दें रविवार को चास एसडीओ प्रांजल ढांढा के नेतृत्व में की गई संयुक्त छापेमारी में तीन अवैध ठिकानों से बड़ी मात्रा में एथनॉल और पेट्रोल बरामद किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में 8000 लीटर से अधिक एथनॉल-एथनॉल जैसी संदिग्ध तरल पदार्थ और 1200 लीटर से अधिक पेट्रोल जब्त किया गया। ये तीनो ठिकाने बीएसएल के जमीन को अवैध तरीके से कब्ज़ा कर संचालित किये जा रहे थे।
टैंकर, ड्रम और कंटेनर भी बरामद
छापेमारी के दौरान एक टैंकर के साथ-साथ भारी मात्रा में ड्रम और कंटेनर भी बरामद किए गए, जिनका उपयोग ईंधन भंडारण में किया जा रहा था। सेक्टर 12 थाना क्षेत्र के रणविजय कॉलेज के पास से लगभग 2000 लीटर एथनॉल जैसी सामग्री टैंकर सहित बरामद की गई। वहीं बालिडीह थाना क्षेत्र के बंसिमली मार्ग पर की गई कार्रवाई में करीब 6000 लीटर एथनॉल और 1200 लीटर पेट्रोल बरामद हुआ, जो बीपीसीएल (BPCL) से जुड़े औद्योगिक कॉरिडोर से कुछ सौ मीटर दूरी पर स्थित अवैध डिपो में रखा गया था।
संगठित नेटवर्क की आशंका

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेल टैंकरों से रास्ते में ही ईंधन की कटिंग कर अवैध रूप से भंडारण और बिक्री की जा रही थी। यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय संचालकों की मिलीभगत से चल रहा था। बालीडीह क्षेत्र में बीपीसीएल और एचपीसीएल (HPCL) के बड़े ऑयल डिपो मौजूद हैं, बावजूद इसके उनके आसपास ही यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा था। लोग इस बात पर ताज्जुब है की पता नहीं क्यों इसपर किसी का ध्यान नहीं गया। जबकि हर दिन बड़े-बड़े टैंकर लगते थे।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
एसडीओ ने कहा कि अवैध ईंधन नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं बीएसएल प्रवक्ता ने कहा कि मामला संज्ञान में लिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यह केवल शुरुआत है, जबकि चास, मराफारी, बालीडीह, सेक्टर 12, चास मुफ्फसिल, पिंड्राजोड़ा और अन्य थाना क्षेत्रों में भी ऐसे कई अवैध डिपो सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।
14 मई की घटना के बाद, पहली बार हुई इतनी बड़ी कार्रवाई

बोकारो में अवैध फ्यूल कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान तीन अवैध डिपो उजागर हुए, जिनमें से सभी बीएसएल की अतिक्रमित जमीन पर संचालित पाए गए। 14 मई 2026 को सेक्टर-12 थाना क्षेत्र में एनएच-23 किनारे बीएसएल की जमीन पर बने एक अवैध डीजल-पेट्रोल भंडारण केंद्र में भीषण आग लगने के बाद इस अवैध कारोबार का खुलासा हुआ था। सैकड़ों लीटर ज्वलनशील ईंधन से भरे ड्रमों में लगी आग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। उस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था।
(Report by Currentbokaro Team)

