Bokaro: बोकारो में स्थित जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को देवस्नान पूर्णिमा के साथ रथ यात्रा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का विधि-विधान से महास्नान कराया गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ी और पूरा वातावरण भक्ति से गूंज उठा।

पवित्र स्नान पूर्णिमा का महत्व

ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली स्नान पूर्णिमा जगन्नाथ परंपरा के सबसे पवित्र पर्वों में से एक मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को ठंडे जल से स्नान कराकर उन्हें भीषण गर्मी से राहत दी जाती है।

15 दिन ‘अनवसर काल’, बंद रहेंगे सार्वजनिक दर्शन

परंपरा के अनुसार महास्नान के बाद तीनों देवता “अनवसर काल” में चले जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि स्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, इसलिए अगले 15 दिनों तक उनके सार्वजनिक दर्शन बंद रहते हैं। इस दौरान श्रद्धालु भगवान के पट्टचित्र स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं।
रथ यात्रा और बहुदा यात्रा की तिथि घोषित

अनवसर काल के बाद भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को किया जाएगा। वहीं भगवान की वापसी यात्रा यानी बहुदा यात्रा 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को संपन्न होगी। भक्ति और परंपरा से जुड़ा यह आयोजन बोकारो में एक बार फिर आध्यात्मिक उत्सव का माहौल बना रहा है।

