Bokaro: बोकारो इस्पात नगर में भगवान जगन्नाथ की बाहुड़ा यात्रा (वापसी यात्रा) शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भ्राता बलभद्र के दर्शन कर रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया। पूरे मार्ग में भक्तिमय माहौल बना रहा और जय जगन्नाथ के जयघोष से शहर गूंज उठा।

पूजा-अर्चना के बाद निकली भव्य यात्रा
बाहुड़ा यात्रा से पूर्व भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद मंदिर प्रांगण से देव प्रतिमाओं को ससम्मान बाहर लाकर आकर्षक ढंग से सुसज्जित रथ पर विराजमान कराया गया। यात्रा शुरू होने से पहले परंपरा के अनुसार बोकारो इस्पात संयंत्र के अधिशासी निदेशक (सामग्री प्रबंधन) ने ‘छेरा-पन्हारा’ की रस्म निभाते हुए रथ की विधिवत सफाई की।
श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह से खींचा रथ

जनवृत्त-1 स्थित राम मंदिर परिसर से बाहुड़ा यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ रथ को खींचते हुए यात्रा में भाग लिया। यात्रा पत्थरकट्टा चौक, गांधी चौक (सिटी सेंटर) और बोकारो जनरल अस्पताल मार्ग से होकर जगन्नाथ मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और धार्मिक भजनों व जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

सेवा कार्यों से बढ़ी आयोजन की गरिमा

यात्रा के दौरान विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, बोकारो महिला समिति और शहर के कई सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल एवं शीतल शरबत की व्यवस्था की। इस सेवा कार्य की श्रद्धालुओं ने सराहना की। कार्यक्रम में बोकारो महिला समिति की सदस्याओं, शहर के गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी रही।
सामुदायिक सौहार्द का बना प्रतीक

बोकारो इस्पात संयंत्र की ओर से आयोजित यह धार्मिक आयोजन शहर की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने का माध्यम बना। बाहुड़ा यात्रा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी सौहार्द, भाईचारे, सेवा भावना और सामुदायिक सहभागिता को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


