Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) प्रबंधन ने सोमवार को सेक्टर-3बी स्थित आवास संख्या 247 पर कार्रवाई करते हुए उसे अपने कब्जे में ले लिया और ताला जड़ दिया। इस क्वार्टर को बोकारो जिला कांग्रेस कमिटी का कार्यालय बताते हुए पार्टी की ओर से यहां गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी यहां कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्रवाई के बाद बोकारो की राजनीतिक और औद्योगिक नगरी में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

BSL की कार्रवाई जिस क्वार्टर पर हुई उसपर ‘कार्यालय बोकारो जिला कांग्रेस कमिटी’ लिखा था और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा जिला कांग्रेस अध्यक्ष जवाहर लाल महथा की तस्वीर लगी थी। BSL की हाउस अलॉटमेंट और सिक्योरिटी टीम ने क्वार्टर को खाली कराकर उसे अपने कब्जे में ले लिया।
“क्वार्टर यूनियन के नाम पर था, कांग्रेस कार्यालय कैसे बना?”

BSL प्रबंधन के अनुसार सेक्टर-3बी का यह आवास पूर्व में ‘बोकारो स्टील वर्कर यूनियन’ के नाम पर आवंटित था। प्रबंधन का दावा है कि पूर्व सांसद स्वर्गीय ददई दुबे के कार्यकाल के दौरान यह क्वार्टर यूनियन को आवंटित किया गया था। कुछ महीने पहले यूनियन के एक पदाधिकारी द्वारा इसे BSL को सरेंडर कर दिया गया था। इसके बाद से क्वार्टर खाली था।

प्रबंधन का कहना है कि आवास के पुनः आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही वहां कांग्रेस पार्टी का झंडा और कार्यालय संबंधी बैनर लगा दिया गया। इसके बाद हाउस अलॉटमेंट विभाग सक्रिय हुआ और कार्रवाई की गई। BSL का सवाल है कि यदि आवास यूनियन के नाम पर आवंटित था और बाद में उसे प्रबंधन को सरेंडर कर दिया गया, तो फिर उसमें राजनीतिक दल का कार्यालय किस आधार पर संचालित किया जा रहा था?
अवैध कब्जे के खिलाफ BSL का सख्त रुख

बोकारो टाउनशिप में आवासों पर कथित अवैध कब्जे और अनधिकृत उपयोग को लेकर BSL प्रबंधन इन दिनों सख्त रुख अपना रहा है। सेल प्रबंधन के स्तर पर भी टाउनशिप की संपत्तियों के अनधिकृत कब्जे और अतिक्रमण को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। BSL की ओर से हाल में क्वार्टरों से जुड़े अवैध कब्जे की शिकायत के लिए हेल्पलाइन भी जारी की गई है। ऐसे में हाउस अलॉटमेंट विभाग द्वारा सेक्टर-3बी के इस क्वार्टर पर तत्काल कार्रवाई को प्रबंधन की नई सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार हाउस अलॉटमेंट विभाग के अधिकारी आर. कुमार के नेतृत्व में BSL सिक्योरिटी टीम मौके पर पहुंची और क्वार्टर को कब्जामुक्त कराकर अपने नियंत्रण में ले लिया।
सिटी सेंटर के नजदीक है क्वार्टर, इसलिए अहम है लोकेशन
सेक्टर-3बी का यह क्वार्टर सिटी सेंटर के बेहद करीब स्थित है। BSL प्रबंधन ने सेक्टर-1, 2, 3, 4 और 5 के इलाकों को टाउनशिप की प्रमुख और प्राइम लोकेशन में रखा है। जिसका आवंटन अब सिर्फ BSL के अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के तहत किया जाता है। ऐसे में खाली हुए आवास पर किसी भी तरह के अनधिकृत कब्जे को लेकर प्रबंधन की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहली बार नहीं, कांग्रेस से पहले भी खाली कराया जा चुका है क्वार्टर

ये पहली बार नहीं है जब बीएसएल ने कांग्रेस नेताओं से क्वार्टर खाली कराया है। इससे पहले तत्कालीन जिला कांग्रेस अध्यक्ष उमेश गुप्ता द्वारा सेक्टर-1सी में सेंट जेवियर्स स्कूल के सामने स्थित बी-टाइप क्वार्टर को जिला कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया था। बताया जाता है कि उस क्वार्टर पर भी कांग्रेस कार्यालय का बड़ा बैनर लगाया गया था। इसके बाद BSL की टीम ने 5 फरवरी 2023 को कार्रवाई करते हुए उसे अनधिकृत कब्जा घोषित कर रात में ही खाली करा लिया था। बाद में उक्त आवास BSL अधिकारी को आवंटित किया गया था। उस कार्रवाई को लेकर भी कांग्रेस को राजनीतिक तौर पर काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था।
कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया “निंदनीय”
सोमवार की कार्रवाई के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष जवाहर लाल महथा ने BSL प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट के मजदूरों की समस्याओं को प्रबंधन के समक्ष रखकर सकारात्मक समाधान की दिशा में काम करने वाली एकमात्र मान्यता प्राप्त निबंधित मजदूर संगठन बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन है। महथा ने कहा, “हमारी यूनियन कभी भी नकारात्मक अथवा विध्वंसात्मक कार्रवाई की पक्षधर नहीं रही है। बोकारो इस्पात संयंत्र में औद्योगिक शांति बहाल रखने में हमारी यूनियन की सदैव सकारात्मक भूमिका रही है।”
उन्होंने सोमवार की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा, “17 अगस्त 2026 को अचानक सेक्टर-3बी स्थित आवास संख्या 247, 248, 249 एवं 250 में चलने वाले यूनियन कार्यालय में कुछ होमगार्ड जवानों को भेजकर अनाधिकृत कब्जा साबित करने का असफल प्रयास किया गया, जो निंदनीय है।”
“इस कार्यालय का ऐतिहासिक महत्व रहा है”
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि संबंधित कार्यालय का ऐतिहासिक महत्व रहा है। उनके अनुसार यहां भारत सरकार के तत्कालीन श्रम मंत्री और बाद में झारखंड के मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय बिंदेश्वरी दुबे का आवास सह कार्यालय हुआ करता था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी भी अपने बोकारो प्रवास के दौरान इसी कार्यालय से संयंत्र में कार्यरत मजदूरों से संवाद करती थीं। इसके अलावा इंटक के प्रख्यात मजदूर नेता स्वर्गीय पी.एन. त्रिपाठी, राज्य के पूर्व श्रम मंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर दुबे और तत्कालीन ऊर्जा मंत्री राजेंद्र सिंह सहित कई नेताओं द्वारा इस कार्यालय का संचालन किए जाने का दावा उन्होंने किया। महथा ने कहा कि यह सिलसिला आज भी जारी है और यूनियन के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी की गतिविधियां भी यहां संचालित होती रही हैं।
कांग्रेस का BSL से सीधा सवाल -“किस आधार पर अनधिकृत कब्जा?”
जवाहर लाल महथा ने कहा, “विदित है कि उक्त चारों आवास यूनियन कार्यालय के रूप में विधिवत आवंटित हैं तथा उक्त कार्यालय में यूनियन सहित कांग्रेस पार्टी की गतिविधियों का भी निरंतर संचालन होता है। तो फिर बोकारो प्रबंधन द्वारा किस आधार और किनके दबाव पर उक्त आवासों को अनधिकृत कब्जा साबित करने का असफल प्रयास किया जा रहा है?” उन्होंने BSL प्रबंधन की कार्रवाई की मंशा पर भी सवाल उठाया।
अब इस मामले में बड़ा सवाल यही है कि क्या सेक्टर-3बी के क्वार्टरों को लेकर BSL और कांग्रेस के बीच विवाद आगे और बढ़ेगा, या दोनों पक्ष दस्तावेजों और आवंटन के रिकॉर्ड के आधार पर किसी समाधान तक पहुंचेंगे ?


