Bokaro: चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र में कोंका गोप हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। मामले में नामजद आरोपी उरांवडीह निवासी भागीरथ गोप (36) और चोड़ियाभीठा निवासी भुदेव गोप (32) को पुलिस ने गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे जमीन संबंधी विवाद की बात सामने आई है।

बरमसिया के चढ़ियाभीठा गांव के समीप खालिस नदी किनारे झाड़ियों से गुरुवार सुबह पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के काशीझरिया निवासी कोंका गोप का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
12 सितंबर से लापता था कोंका
परिजनों के अनुसार कोंका गोप अपने ससुर के श्राद्धकर्म में शामिल होने 11 सितंबर को उरांवडीह स्थित ससुराल गया था। ससुर का कोई बेटा नहीं था, इसलिए श्राद्ध के ब्रह्मभोज के लिए खस्सी खरीदने वह एक रिश्तेदार के साथ घर से निकला था। इसके बाद 12 सितंबर से उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने 14 सितंबर को बरमसिया ओपी में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों का कहना था कि कोंका को अंतिम बार भुदेव गोप के साथ देखा गया था।

जमीन विवाद को बताया हत्या की वजह
कोंका के बेटे रोहित गोप के लिखित बयान पर बरमसिया ओपी में चार लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत में जमीन को लेकर विवाद का आरोप लगाया गया था। पुलिस के अनुसार, अनुसंधान के दौरान भागीरथ गोप और भुदेव गोप की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पूछताछ के दौरान भागीरथ गोप ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में जमीन विवाद का जिक्र करते हुए भुदेव गोप की मदद से कोंका गोप की हत्या करने की बात बताई है। हालांकि, पुलिस ने मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी रखी है।
खोजी कुत्ते और एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
शव की स्थिति खराब होने के कारण घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने खोजी कुत्ते की मदद ली। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस मोबाइल फोन समेत अन्य तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों की भी जांच की। ASP चास वेदांत शंकर के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अनुसंधान के आगे बढ़ने के बाद ही मौत के कारण तथा घटना में सभी आरोपितों की भूमिका की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। गिरफ्तार दोनों आरोपितों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। कार्रवाई में बरमसिया ओपी प्रभारी शैलेन्द्र पासवान सहित पुलिस टीम शामिल थी।
