Bokaro: किसी भी परिवार के लिए अपनों को खोने का दर्द सबसे बड़ा होता है, लेकिन जब उस दर्द के साथ दो वक्त की रोटी का संकट भी जुड़ जाए तो जिंदगी और कठिन हो जाती है। शुक्रवार को समाहरणालय में आयोजित ‘हम आपको सुनते हैं (लोक संवाद)’ कार्यक्रम में ऐसी ही एक मार्मिक कहानी सामने आई, जिसने सभी को भावुक कर दिया।

उपायुक्त अजय नाथ झा ने जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। कार्यक्रम के दौरान खाद्य आपूर्ति, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, भूमि, पेंशन, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 33 आवेदनों पर सुनवाई हुई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पति के जाने के बाद राशन भी हुआ बंद, छलक पड़ा जीरा देवी का दर्द
सुनवाई के दौरान चास प्रखंड के तेलडीह गांव की रहने वाली जीरा देवी ने अपनी पीड़ा उपायुक्त के सामने रखी। उन्होंने बताया कि पति के निधन के बाद परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उनके राशन कार्ड में अभी भी केवल दिवंगत पति का नाम दर्ज है। अपना नाम नहीं होने के कारण उन्हें सरकारी राशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है और परिवार के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। जीरा देवी ने नम आंखों से राशन कार्ड में अपना नाम जोड़ने की गुहार लगाई।
डीसी ने तुरंत दिया आदेश, कहा –
महिला की व्यथा सुनते ही उपायुक्त अजय नाथ झा ने बिना देर किए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को राशन कार्ड में उनका नाम जोड़ने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने स्पष्ट आदेश दिया कि जब तक राशन कार्ड में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक परिवार को आकस्मिक खाद्यान्न योजना के तहत नियमित खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी भी परिस्थिति में परिवार को भूखे रहने या राशन के लिए भटकने की नौबत न आए।
सरकारी योजनाओं का भी मिलेगा लाभ
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जीरा देवी को पात्रता के अनुसार सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए, ताकि उन्हें समय पर हर जरूरी सरकारी सहायता मिल सके और उनका जीवन कुछ आसान हो सके।
अन्य आवेदनों पर भी दिए सख्त निर्देश
लोक संवाद कार्यक्रम में आए अन्य सभी आवेदनों पर भी उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि हर शिकायत का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।
‘हम आपको सुनते हैं’ सिर्फ शिकायत नहीं
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि ‘हम आपको सुनते हैं (लोक संवाद)’ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और मानवीय समाधान सुनिश्चित करना है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और किसी भी पात्र व्यक्ति को अधिकारों से वंचित न रहना पड़े।

