Bokaro : जिले में बुधवार को आयोजित होने वाले सिविल डिफेंस एक्सरसाइज (एयर रेड और ब्लैकआउट अभ्यास) को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त अजय नाथ झा ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सिविल डिफेंस, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, आपदा प्रबंधन, सूचना एवं जनसंपर्क सहित अन्य विभागों ने अपनी-अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) प्रस्तुत की। उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभ्यास को सफल बनाने का निर्देश दिया।

शाम 7:03 बजे से तीन मिनट रहेगा ब्लैकआउट
उपायुक्त अजय नाथ झा ने बताया कि 15 जुलाई की शाम 7:03 बजे से पूरे बोकारो जिले में तीन मिनट के लिए ब्लैकआउट अभ्यास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांत और संयमित रहें।

उषा पेट्रोल पंप और मेडिकेंट अस्पताल में होगा मुख्य अभ्यास
मॉक ड्रिल का मुख्य आयोजन सेक्टर-12 स्थित उषा पेट्रोल पंप और मेडिकेंट अस्पताल परिसर में किया जाएगा। अभ्यास के दौरान एयर रेड, बम विस्फोट जैसी आपात परिस्थितियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों का वास्तविक स्थिति के अनुरूप प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशासन ने बताया कि आपदा की सूचना मिलने पर दो मिनट तक रुक-रुककर सायरन बजाया जाएगा, जो संभावित खतरे का संकेत होगा। वहीं, अभ्यास समाप्त होने के बाद एक लंबा सायरन बजाया जाएगा, जो खतरे के समाप्त होने का संदेश देगा।
घायलों के इलाज के लिए तैयार रहेगा स्वास्थ्य तंत्र
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि मॉक ड्रिल के दौरान संभावित घायलों के उपचार और अस्पतालों में भेजने की पूरी कार्ययोजना पहले से तैयार रखी जाए। आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों की भूमिका और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। उन्होंने मॉक ड्रिल के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित करने का भी निर्देश दिया, जहां से पूरी गतिविधि की निगरानी की जाएगी। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सबसे पहले कंट्रोल रूम पहुंचकर अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे।
इमरजेंसी मास कॉलिंग सिस्टम होगा सक्रिय
डीसी ने आपात सूचना प्रसारण के लिए इमरजेंसी मास कॉलिंग सिस्टम स्थापित करने को लेकर सेवा प्रदाता कंपनियों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में सूचना का त्वरित प्रसार बेहद जरूरी है।
यातायात और भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस
बैठक में मॉक ड्रिल के दौरान यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में सड़क की एक लेन चालू रखी जाए, ताकि राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित न हों। पुलिस विभाग को भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और राहत कार्यों के दौरान लोगों के सुरक्षित प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
जनसंपर्क विभाग चलाएगा जागरूकता अभियान
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान लोगों में भ्रम और अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए विभिन्न माध्यमों से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों को पहले से जानकारी दी जाएगी कि यह केवल सुरक्षा अभ्यास है और इसका वास्तविक आपदा से कोई संबंध नहीं है।
एसडीएम चास और डीडीएमओ करेंगे संचालन
मॉक ड्रिल अभियान का संचालन चास अनुमंडल पदाधिकारी प्रांजल ढांढा और जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शक्ति कुमार करेंगे। वहीं पूरे अभियान का समन्वय उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार करेंगी। बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी शक्ति कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

