Bokaro: महंगी गाड़ियों, भव्य सजावट और दिखावे वाली शादियों के दौर में बोकारो जिले के कसमार प्रखंड में हुई एक शादी ने समाज को सादगी, परंपरा और सामाजिक बदलाव का संदेश दिया। यहां दूल्हा लग्जरी कार या घोड़ी पर नहीं, बल्कि फूलों से सजी पारंपरिक लकड़ी की बैलगाड़ी पर सवार होकर बारात लेकर पहुंचा। करीब 40 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय से स्थित इस विवाह समारोह ने क्षेत्र में चर्चा बटोरी।

दहेज रहित विवाह ने पेश की अनोखी मिसाल
तेलियाडीह टांगटोना निवासी शिव महतो के 25 वर्षीय पुत्र जनार्दन कुमार महतो और मुंगो बगदा निवासी नागेश्वर महतो की 20 वर्षीय पुत्री श्वेता कुमारी का विवाह पूरी तरह दहेज मुक्त तरीके से संपन्न हुआ। विवाह समारोह में न तो दहेज का लेन-देन हुआ और न ही आधुनिक दिखावे पर खर्च किया गया। इस शादी ने यह संदेश दिया कि विवाह आपसी विश्वास, संस्कार और समानता का बंधन है, कोई आर्थिक सौदा नहीं।

पांच किलोमीटर तक बैलगाड़ी से निकली बारात
शादी की सबसे खास बात रही कि दूल्हा जनार्दन कुमार महतो करीब पांच किलोमीटर की दूरी फूलों से सजी बैलगाड़ी पर तय कर बारात लेकर दुल्हन के गांव पहुंचे। पारंपरिक बैलगाड़ी पर सवार दूल्हे को देखने के लिए रास्ते भर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। कई लोगों ने इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया।
कुरमाली संस्कृति और लोक परंपरा की दिखी झलक
बारात में आधुनिक डीजे की जगह कुरमाली लोक संगीत की धुनें गूंजती रहीं। बाराती पैदल चलते हुए लोकगीतों के साथ दुल्हन के गांव पहुंचे। वहीं पारंपरिक घोड़ा नृत्य ने विवाह समारोह को और खास बना दिया। विवाह की सभी रस्में कुरमाली समाज की परंपराओं के अनुसार संपन्न कराई गईं।
पिता ने कहा- शादी संस्कार है, लेन-देन नहीं
दूल्हे के पिता शिव महतो ने कहा कि इस विवाह का उद्देश्य समाज को यह संदेश देना था कि शादी एक पवित्र रिश्ता है, इसे दहेज और आर्थिक लेन-देन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके बेटे और बहू ने पुरानी परंपराओं को अपनाते हुए आधुनिक दिखावे, डीजे और महंगी गाड़ियों से दूरी बनाई।
ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
ग्रामीणों ने इस विवाह को दिल जीतने वाला बताया। लोगों का कहना है कि ऐसी शादियां समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और लोक विरासत को भी जीवित रखने में मदद करती हैं। दहेज मुक्त और परंपरा आधारित यह विवाह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बन गया है।

