Bokaro: ज़िले में हृदय रोग के इलाज के क्षेत्र में पहली बार कैथेटर के जरिए दिल के छेद को बंद करने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई है। वेलमार्क हार्ट सेंटर, वेलमार्क हॉस्पिटल में 22 वर्षीय युवक का एसडी डिवाइस क्लोज़र किया गया। यह प्रक्रिया वेलमार्क में डॉक्टरों की टीम ने पूरी की।

जांच में मिला करीब तीन सेंटीमीटर का छेद
डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की जांच में हृदय के ऊपरी दोनों कक्षों के बीच करीब तीन सेंटीमीटर का छेद पाया गया था। चिकित्सकीय भाषा में इसे Atrial Septal Defect (ASD) कहा जाता है। इस छेद के कारण हृदय के बाएं हिस्से से दाएं हिस्से की ओर असामान्य रूप से रक्त का प्रवाह हो रहा था। इकोकार्डियोग्राफी में हृदय के दाएं कक्ष का आकार बढ़ा हुआ मिला। इसके साथ ही मरीज में पल्मोनरी हाइपरटेंशन की भी समस्या पाई गई। इन कारणों से युवक को सांस लेने में परेशानी हो रही थी।
छाती खोले बिना जांघ की नस से पहुंचाया डिवाइस
चिकित्सकों ने ओपन हार्ट सर्जरी के बजाय कैथेटर आधारित प्रक्रिया से इलाज करने का निर्णय लिया। इसमें जांघ की नस के रास्ते एक कैथेटर को हृदय तक पहुंचाया गया। इसके माध्यम से विशेष धातु से बने छतरिनुमा septal occluder device को हृदय के छेद के दोनों ओर स्थापित किया गया। डिवाइस को इस तरह लगाया गया कि वह छेद को बंद कर सके। समय के साथ इसके आसपास प्राकृतिक ऊतक विकसित होने से छेद के पूरी तरह बंद होने की प्रक्रिया पूरी होती है।

फ्लोरोस्कोपी और इको से की गई निगरानी
पूरी प्रक्रिया के दौरान फ्लोरोस्कोपी और इकोकार्डियोग्राफी की मदद से डिवाइस की स्थिति और उसकी सही जगह पर तैनाती सुनिश्चित की गई। प्रक्रिया के बाद की गई इको जांच में डिवाइस संतोषजनक स्थिति में पाया गया।
महानगरों में जाने की जरूरत होगी कम

वेलमार्क हार्ट सेंटर के निदेशक डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि उपयुक्त मरीजों में ASD Device Closure आधुनिक उपचार पद्धति है। इसमें छाती खोलने की जरूरत नहीं पड़ती और सामान्यतः ओपन हार्ट सर्जरी की तुलना में मरीज की रिकवरी भी तेज होती है। उन्होंने कहा कि बोकारो में इस तरह की प्रक्रिया का पहली बार सफल होना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे जन्मजात हृदय रोग के चुनिंदा मरीजों को उन्नत उपचार के लिए बड़े महानगरों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है।
बोकारो में आधुनिक हृदय उपचार की दिशा में कदम
वेलमार्क हार्ट सेंटर में हुई इस प्रक्रिया को बोकारो में संरचनात्मक हृदय रोगों के आधुनिक उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, उचित जांच और मरीज की स्थिति के आधार पर कैथेटर आधारित तकनीक कई मामलों में ओपन हार्ट सर्जरी का विकल्प बन सकती है।
