Bokaro: बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) में कार्यरत ठेका श्रमिकों के लिए नियुक्ति पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। अब बिना नियुक्ति पत्र के किसी भी ठेका श्रमिक का गेट पास अग्रेषित नहीं किया जाएगा। बीएसएल के मानव संसाधन विभाग के ठेका श्रम प्रकोष्ठ (एचआर-सीएलसी) ने इस संबंध में 31 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की है। नई व्यवस्था 9 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी।
जारी निर्देश के अनुसार, एचआर-सीएलसी द्वारा किसी भी ठेका श्रमिक का गेट पास फॉरवर्डिंग (GPFN) तभी किया जाएगा, जब संबंधित श्रमिक के नियुक्ति पत्र की हस्ताक्षरित फोटोकॉपी जमा की जाएगी। यह व्यवस्था Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020 की धारा 6(1)(f) और Occupational Safety, Health and Working Conditions (Central) Rules, 2026 के नियम 6 के प्रावधानों के तहत लागू की गई है।

ठेकेदारों को जारी करना होगा नियुक्ति पत्र
बीएसएल प्रबंधन ने सभी ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि गेट पास के लिए आवेदन करने से पहले प्रत्येक ठेका श्रमिक को निर्धारित प्रारूप में नियुक्ति पत्र जारी करें। नियुक्ति पत्र की मूल प्रति श्रमिक को देनी होगी। वहीं, उसकी फोटोकॉपी पर श्रमिक के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान और तारीख लेकर प्राप्ति का प्रमाण सुरक्षित रखना होगा।

इसकी हस्ताक्षरित फोटोकॉपी एचआर-सीएलसी में जमा करना अनिवार्य होगा। पहले से कार्यरत वैसे ठेका श्रमिकों को भी तत्काल नियुक्ति पत्र जारी करना होगा, जिन्हें अब तक यह दस्तावेज नहीं मिला है। ऐसे श्रमिकों के नियुक्ति पत्र सीएलसी क्लीयरेंस के अनुरोध के साथ एक बार संलग्न करने होंगे।
नियुक्ति पत्र में दर्ज होंगी रोजगार से जुड़ी जानकारियां
निर्धारित प्रारूप के अनुसार नियुक्ति पत्र में श्रमिक का नाम, जन्मतिथि, माता-पिता का नाम, पदनाम, कौशल श्रेणी, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि, वेतन, भत्ते और रोजगार का प्रकार जैसी जानकारियां दर्ज करनी होंगी। इसके अलावा आधार संख्या (सहमति के बाद), श्रम पहचान संख्या (LIN), यूएएन, ईएसआईसी संख्या और सामाजिक सुरक्षा लाभों का विवरण भी देना होगा।
नियुक्ति पत्र में किए जाने वाले कार्य की प्रकृति, ठेकेदार का नाम, वर्क ऑर्डर संख्या और उसकी अवधि तथा रोजगार समाप्ति की तिथि का उल्लेख भी जरूरी होगा।
ठेकेदारों और इंजीनियर-इन-चार्ज को अनुपालन का निर्देश
बीएसएल के वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन-ठेका श्रम प्रकोष्ठ) ने सभी ठेकेदारों एवं इंजीनियर-इन-चार्ज को नई व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। 9 नवंबर से नियुक्ति पत्र की हस्ताक्षरित प्रति के बिना गेट पास अग्रेषित नहीं होने से ठेका श्रमिकों के दस्तावेजीकरण और रोजगार संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है।
