Bokaro: शिक्षकों के शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्री अय्यप्पा पब्लिक स्कूल में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को दो क्षमता-निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 190 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशालाओं में प्रभावी कक्षा प्रबंधन, बाल मनोविज्ञान और सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया।

प्रभावी क्लासरूम मैनेजमेंट के बताए आधुनिक तरीके
विद्यालय के को-स्कोलास्टिक हॉल में आयोजित पहली कार्यशाला में 90 शिक्षक शामिल हुए। इसका संचालन धनबाद सिटी स्कूल की उप-प्रधानाचार्या एवं सीबीएसई रिसोर्स पर्सन सना अख्तर ने किया। उन्होंने कक्षा में आने वाली चुनौतियों से निपटने, शिक्षकों की प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों और आधुनिक प्रेजेंटेशन तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के तरीके बताए।
बाल मनोविज्ञान और भावनात्मक शिक्षा पर जोर
दूसरी कार्यशाला में 100 शिक्षकों ने हिस्सा लिया। हटिया, रांची स्थित ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल की प्राचार्या डॉ. पल्लवी सिंह ने बाल मनोविज्ञान और सोशल एंड इमोशनल लर्निंग (SEL) पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप छात्र-केंद्रित शिक्षण वातावरण विकसित करने और पाठ योजना में भावनात्मक सुरक्षा को शामिल करने की जरूरत बताई।

प्रबंधन ने पहल को बताया महत्वपूर्ण
विद्यालय के अध्यक्ष पी. राजागोपाल सहित प्रबंधन के अन्य पदाधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की। निदेशक डॉ. एस. एस. महापात्रा ने बाल मनोविज्ञान और भावनात्मक शिक्षा के प्रति शिक्षकों की जागरूकता को जरूरी बताया। प्रधानाचार्या पी. शैलजा जयकुमार ने कहा कि बदलती शैक्षणिक चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवस्थित कक्षा प्रबंधन और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है। कार्यक्रम में उप-प्रधानाचार्य सुरेश बाबू और राजलक्ष्मी भी उपस्थित थीं।
