Bokaro: जिले के चार प्रस्तावित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के नामों में बदलाव नहीं किया जाएगा। शनिवार को उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विद्यालयों के नाम यथावत रखने पर सहमति बनी। बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई।

विद्यालयों की वर्तमान स्थिति का होगा आकलन
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को चारों विद्यालयों की वर्तमान स्थिति, शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत संरचना का आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुविधाओं और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए।
निजी कॉन्वेंट स्कूलों से होगा तुलनात्मक अध्ययन
बैठक में प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी और संबंधित पदाधिकारियों को जिले के प्रमुख निजी कॉन्वेंट विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर शिक्षण व्यवस्था, पुस्तकालय, शौचालय, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य सुविधाओं की मैपिंग की जाएगी।

निजी विद्यालयों और सरकारी उत्कृष्ट विद्यालयों के बीच सुविधाओं एवं शैक्षणिक व्यवस्था के अंतर का विश्लेषण कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर आवश्यक सुधार और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
इन चार विद्यालयों के नाम रहेंगे बरकरार
राज्य से प्राप्त प्रस्ताव में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बरमसिया (चंदनकियारी), सोनाबाद (चास), महुआटांड़ (गोमिया) और चांदो (पेटरवार) शामिल हैं। बैठक में इनके नाम यथावत रखने का निर्णय लिया गया।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन, जिला शिक्षा अधीक्षक अतुल कुमार चौबे और सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
