Bokaro: उद्योग जगत से राज्य सहित बोकारो के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उद्योगपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता आयरन एंड स्टील ने बोकारो के चंदनक्यारी स्थित अपने ईएसएल स्टील प्लांट (ESL Steel Plant) की उत्पादन क्षमता को दोगुना कर 30 लाख टन प्रति वर्ष (3 MTPA) करने का लक्ष्य तय किया है। बता दें कि वेदांता प्रबंधन ने कुछ महीने पहले ईएसएल स्टील प्लांट की जिम्मेदारी अपने तेज-तर्रार अधिकारी रविश शर्मा को सौंपते हुए उन्हें चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया है।

पहले FY28 तक था विस्तार का लक्ष्य
कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, बोकारो प्लांट की क्षमता 15 लाख टन प्रति वर्ष (1.5 MTPA) से बढ़ाकर 30 लाख टन प्रति वर्ष (3 MTPA) करने का कार्य वित्त वर्ष 2027-28 के अंत तक पूरा होना था। हालांकि, सूत्रों के अनुसार अब कंपनी इस विस्तार परियोजना को वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

2018 से नियामकीय मंजूरियों में अटका था विस्तार
वेदांता ने वर्ष 2018 में ईएसएल स्टील लिमिटेड का अधिग्रहण किया था। इसके बाद से बोकारो प्लांट के विस्तार को पर्यावरणीय स्वीकृति और अन्य वैधानिक मंजूरियों सहित कई नियामकीय बाधाओं का सामना करना पड़ा। इन्हीं कारणों से परियोजना निर्धारित समय पर आगे नहीं बढ़ सकी।
अंतिम मंजूरी का इंतजार
सूत्रों के मुताबिक, अब अधिकांश औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और कंपनी अंतिम नियामकीय स्वीकृति का इंतजार कर रही है। उम्मीद है कि अगले छह महीनों के भीतर यह मंजूरी मिल सकती है, जिसके बाद विस्तार कार्य पूरी गति से आगे बढ़ेगा।
बोकारो के औद्योगिक विकास को मिलेगा नया बल
यदि विस्तार योजना तय समय पर पूरी होती है, तो बोकारो की औद्योगिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है और झारखंड के इस प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र को नई आर्थिक गति मिल सकती है।
इलेक्ट्रोस्टील से ऐसे नाम बदल कर हुआ था ESL Steel
2018 में, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT)की कोलकाता बेंच ने दिवालियापन और दिवालिया संहिता (IBC) के तहत इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड (ESL) के लिए वेदांता लिमिटेड की समाधान योजना को मंजूरी दी थी। कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) के तहत वेदांता ने कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी हासिल कर ली और सफलतापूर्वक कंपनी का नाम बदलकर ईएसएल स्टील लिमिटेड कर दिया था। यह कंपनी झारखंड के बोकारो जिले में 1.5 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की एकीकृत इस्पात संयंत्र का संचालन करती है।
वेदांता आयरन एंड स्टील के शेयर में 10% की छलांग, लिस्टिंग के बाद लगभग 94% का उछाल
वेदांता आयरन एंड स्टील के शेयरों में बुधवार, 1 जुलाई को जोरदार तेजी देखने को मिली, जब यह NSE पर 10% बढ़कर Rs 38.78 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गए और इसी स्तर पर अपर सर्किट में लॉक हो गए; इस उछाल के साथ कंपनी का शेयर अपने 15 जून 2026 के लिस्टिंग प्राइस Rs 20 से अब तक लगभग 93.9% चढ़ चुका है, जब यह वेदांता लिमिटेड के डिमर्जर के बाद बाजार में सूचीबद्ध हुआ था। डिमर्जर के तहत बनी अन्य इकाइयों—वेदांता पावर, वेदांता एल्युमिनियम और वेदांता ऑयल एंड गैस—के साथ इस कंपनी ने 30 जून को अनिवार्य 10 दिन का T2T सेटलमेंट पूरा कर सेगमेंट से बाहर निकलने के बाद मजबूत निवेशक रुचि देखी, जिसके चलते बीएसई ने शेयर में अचानक आई तेज़ी पर स्पष्टीकरण मांगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे और निवेशकों के हित सुरक्षित रहें। कंपनी ने 1 जुलाई को अपने जवाब में कहा कि उसने सेबी (LODR) रेगुलेशंस, 2015 के तहत सभी जरूरी खुलासे कर दिए हैं और किसी भी अप्रमाणित या अप्रकाशित सूचना के कारण यह तेजी नहीं आई है।
News Source: https://www.livemint.com/companies/vedanta-iron-steel-vedanta-anil-agarwal-bokaro-steel-plant-steel-capacity-expansion-esl-steel-bokaro-11782919317947.html

