Bokaro: बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत, सुरक्षित एवं भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। बोकारो स्टील प्लांट में तृतीय 220 केवी सीटीपीएस–एमआरएस ट्रांसमिशन लाइन का मंगलवार को विधिवत लोकार्पण किया गया।

डीएनडब्ल्यू स्थित मेन रिसीविंग सब-स्टेशन (MRS) परिसर में आयोजित “डेडिकेशन टू सर्विस” कार्यक्रम में बोकारो इस्पात संयंत्र के निदेशक-प्रभारी और दामोदर घाटी निगम (DVC) के मेंबर (टेक्निकल) ने संयुक्त रूप से नई ट्रांसमिशन लाइन को सेवा के लिए समर्पित किया। कार्यक्रम में बीएसएल एवं डीवीसी के वरिष्ठ अधिकारी, परियोजना से जुड़े अभियंता और कर्मचारी मौजूद रहे।
8.6 किलोमीटर लंबी लाइन, 29 मोनो पोल से तैयार हुआ नया विद्युत नेटवर्क
नई 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन (CTPS) और बोकारो स्टील प्लांट के मेन रिसीविंग सब-स्टेशन के बीच स्थापित की गई है। करीब 8.6 किलोमीटर लंबी इस लाइन में कुल 29 मोनो पोल लगाए गए हैं। पारंपरिक लैटिस टावर की तुलना में मोनो पोल तकनीक में कम भूमि की आवश्यकता होती है। इससे जमीन का बेहतर उपयोग संभव होता है और निर्माण कार्य भी अधिक व्यवस्थित एवं तेज गति से पूरा किया जा सकता है। डीवीसी ने इस परियोजना में पहली बार मोनो पोल तकनीक का इस्तेमाल किया है, जिसे आधुनिक विद्युत अवसंरचना विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

10 जुलाई को हुई थी चार्ज, जांच के बाद 21 जुलाई को समर्पित
बीएसएल अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रांसमिशन लाइन को 10 जुलाई 2026 को चार्ज किया गया था। इसके बाद आवश्यक परीक्षण, निरीक्षण और कमीशनिंग प्रक्रिया पूरी करने के बाद 21 जुलाई को इसे औपचारिक रूप से शुरू किया गया। नई लाइन के चालू होने से बोकारो स्टील प्लांट की बिजली आपूर्ति प्रणाली को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। इससे उत्पादन इकाइयों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी, जिससे संयंत्र की उत्पादकता, परिचालन दक्षता और भविष्य की उत्पादन जरूरतों को पूरा करने की क्षमता बढ़ेगी।
निदेशक-प्रभारी ने कहा- सुरक्षित उत्पादन के लिए जरूरी है मजबूत बिजली ढांचा
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए बीएसएल के निदेशक-प्रभारी ने परियोजना से जुड़े सभी विभागों, एजेंसियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी एकीकृत इस्पात संयंत्र के लिए मजबूत और विश्वसनीय विद्युत आधारभूत संरचना बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि नई ट्रांसमिशन लाइन संयंत्र में सुरक्षित, सतत और कुशल उत्पादन सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने परियोजना को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना की।
बीएसएल और डीवीसी के तकनीकी सहयोग को मिली नई मजबूती
डीवीसी के मेंबर (टेक्निकल) ने बीएसएल और डीवीसी के बीच बेहतर समन्वय की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से दोनों संस्थानों के बीच तकनीकी सहयोग और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि नई ट्रांसमिशन लाइन बोकारो स्टील प्लांट को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परियोजना के हर चरण में गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए अहम कदम
तृतीय 220 केवी सीटीपीएस–एमआरएस ट्रांसमिशन लाइन का शुभारंभ बोकारो स्टील प्लांट की आधुनिक और मजबूत आधारभूत संरचना के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह परियोजना न केवल बीएसएल की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि भविष्य की उत्पादन योजनाओं, परिचालन उत्कृष्टता और सतत विकास के लक्ष्यों को भी नई गति प्रदान करेगी।
