Current Bokaro Desk | बोकारो

Bokaro: बालीडीह थाना क्षेत्र में वर्ष 2013 में बारात के दौरान हुए विवाद में युवक की हत्या के मामले में करीब 13 साल बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। सोमवार को एडीजे-1 (ADJ-I) बोकारो की अदालत ने आरोपी बिनोद तिवारी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
बारात में शुरू हुआ विवाद, जानलेवा हमले में बदला
अभियोजन के अनुसार, यह मामला बालीडीह थाना कांड संख्या-177/2013 (जीआर-1985/2013) से जुड़ा है। घटना 24 नवंबर 2013 की रात करीब 10:15 बजे की है। आरोपी बिनोद तिवारी और मृतक सोनू शुक्ला एक बारात में शामिल होने के लिए बालीडीह पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोप है कि बिनोद तिवारी ने लोहे की रॉड और भूजाली से सोनू शुक्ला पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में उसके पैर में गंभीर चोट लगी और गहरा घाव हो गया।

इलाज के दौरान हुई थी मौत
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल सोनू शुक्ला को इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद मंगलवार को एडीजे-1 बोकारो की अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी बिनोद तिवारी को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में पुलिस की ओर से अनुसंधान एवं न्यायालयीन कार्रवाई का समन्वय नोडल पदाधिकारी सहायक अवर निरीक्षक महेंद्र प्रसाद महतो द्वारा किया गया।


