Bokaro: जमानत प्रक्रिया को आसान और तेज करने के लिए बोकारो जिला न्यायालय ने जमानतदारों के सत्यापन को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। अब शिकायत मामलों और गैर-जघन्य अपराधों में जमानतदारों की वेरिफिकेशन संबंधित न्यायालय में ही आधार ऐप के माध्यम से की जाएगी।

प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज, बोकारो के कार्यालय से जारी आदेश संख्या 464/2026 के अनुसार, संबंधित न्यायालय के ऑफिस क्लर्क अपने मोबाइल फोन में आधार ऐप इंस्टॉल करेंगे। इसके माध्यम से जमानतदार द्वारा प्रस्तुत आधार नंबर का सत्यापन किया जाएगा। इससे ऐसे मामलों में जमानतदारों के सत्यापन के लिए पुलिस थाने भेजने की आवश्यकता नहीं होगी।
जघन्य अपराधों में पुलिस ही करेगी वेरिफिकेशन
जघन्य अपराधों में जमानतदारों के सत्यापन की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी। ऐसे मामलों में संबंधित पुलिस थाना ही जमानतदारों का सत्यापन करेगा। यह व्यवस्था 11 सितंबर 2026 को जारी कार्यालय आदेश संख्या 459/2026 के तहत लागू रहेगी।

कोर्ट के पास रहेगा विवेकाधिकार
हालांकि, किसी मामले की परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय आवश्यक समझे तो जमानतदार को पुलिस थाने भेजकर सत्यापन कराने का निर्देश दे सकता है। यानी गैर-जघन्य मामलों में कोर्ट स्तर पर आधार ऐप से सत्यापन की सुविधा उपलब्ध होगी, लेकिन अंतिम निर्णय न्यायालय के विवेक पर निर्भर रहेगा।
पूर्व आदेश में किया गया सीमित संशोधन
नए आदेश के जरिए कार्यालय आदेश संख्या 459/2026 में केवल जमानतदारों के सत्यापन से संबंधित प्रावधान में संशोधन किया गया है। आदेश की प्रतियां बोकारो और तेनुघाट के सभी न्यायालयों, पुलिस अधीक्षक, जज-इन-चार्ज (प्रशासन), बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और संबंधित सेरिश्तदारों को भेजी गई हैं।
न्यायालय प्रशासन के इस कदम से गैर-जघन्य अपराधों और शिकायत मामलों में जमानत की प्रक्रिया के दौरान जमानतदारों के सत्यापन में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है।
