Bokaro: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत शिक्षकों के सतत ज्ञानवर्धन की दिशा में शनिवार को डीपीएस बोकारो में सीबीएसई पटना उत्कृष्टता केंद्र के तत्वावधान में ‘पर्यावरणीय शिक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण’ विषय पर एकदिवसीय क्षमता-निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया और प्रकृति व जीव-जगत की रक्षा का संकल्प लिया।

पर्यावरण संरक्षण को बताया समय की जरूरत
कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के रूप में डीएवी इस्पात पब्लिक स्कूल, सेक्टर-2सी की प्राचार्या अनुराधा सिंह और एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल की वरिष्ठ शिक्षिका कंचन सिंह उपस्थित रहीं। दीप प्रज्ज्वलन के बाद दोनों ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। कंचन सिंह ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है। वहीं अनुराधा सिंह ने कहा कि प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानव जीवन भी सुरक्षित और सुखी रहेगा।
पर्यावरणीय विषयों पर हुई गहन चर्चा
कार्यशाला में पर्यावरण, पारिस्थितिकी तंत्र, जैव-विविधता, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, एक्यूआई, ग्लोबल वार्मिंग, ग्रीनहाउस प्रभाव, ओजोन क्षरण, कार्बन फुटप्रिंट और सस्टेनेबिलिटी जैसे विषयों पर चर्चा हुई। गतिविधियों, प्रश्नोत्तरी और अंतःक्रिया सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया।

विद्यार्थियों में चेतना जगाने पर जोर
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने कहा कि शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों में भी पर्यावरणीय चेतना विकसित करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि डीपीएस बोकारो अपने ‘गो ग्रीन इनिशिएटिव’ के तहत पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कई पहल कर रहा है। कार्यशाला की सफलता पर उन्होंने शिक्षकों को बधाई दी और रिसोर्स पर्सन्स के प्रति आभार जताया।
