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पंचतत्व में विलीन हुए ‘दादा’: ‘वीर समरेश अमर रहे’..गगनभेदी नारों से गूंजा बोकारो, ऐसी थी अंतिम यात्रा


Bokaro: झारखण्ड के कद्दावर नेता समरेश सिंह ‘दादा’ का शुक्रवार शाम चंदनक्यारी में उनके पैतृक गांव देबुलताड़ में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वह 81 वर्ष के थे। समरेश सिंह के अंतिम संस्कार में राज्य के कई बड़े नेता और हजारों शोकाकुल लोग उपस्तिथ थे।

पांच बार बोकारो विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री रहे समरेश सिंह के अंतिम संस्कार के लिए बड़ी संख्या में लोग सम्मलित हुए। मंगलवार सुबह, फूलों की मालाओं से सजे एक वाहन में उनके पार्थिव शरीर को सिटी सेंटर स्थित आवास से 26 किलोमीटर दूर चंदनक्यारी स्तिथ पैतृक गांव देबुलताड़ ले जाया गया।

सुबह निकली समरेश सिंह की शव यात्रा साढ़े सात घंटे बाद शाम को गांव पहुंची। रास्ते में हज़ारो लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किये।

समरेश सिंह के पुत्र राणा, माना, सोना और परिवार के अन्य सदस्य वाहन पर सवार थे। रास्ते में सैकड़ो लोगों ने वाहन पर फूल बरसाए। समरेश सिंह के अंतिम संस्कार में सम्मलित होने के लिए सैकड़ों लोग साइकिल, मोटरसाइकिल, कार, एसयूवी और परिवहन के अन्य साधनों से आस-पास के इलाकों से चंदनक्यारी पहुंचे थे।

शव यात्रा राम मंदिर और सेक्टर 2 के काली मंदिर में रुकी जहां स्वर्गीय समरेश सिंह घर से निकलने के बाद होते हुए कही जाते थे। काली मंदिर में गाड़ी रुकते ही पुजारी को पकड़कर माना रो पड़े।

क्षेत्र के सबसे लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए जहां से शवयात्रा गुजरी, वहां हजारों की संख्या में उनके आखरी दर्शन करने को उमड़ पड़े। ‘वीर समरेश अमर रहे’ के नारो से बोकारो, चास और चंदनक्यारी की सड़के और गलियों गूंज गई।

बोकारो से चंदनक्यारी के बीच, शव यात्रा में उनके वाहन को 90 से अधिक स्थानों पर रोका गया, जहां समूहों में लोगों ने दादा को श्रद्धांजलि दी। कई जगह लोग रोते नजर आये।

अंतिम संस्कार से ठीक पहले जिस राष्ट्रीय ध्वज में पार्थिव शरीर लपेटा गया था, उसे परिजनों को सौंप दिया गया। साथ ही 14 राउंड फायरिंग के साथ सलामी दी गई।

शाम 4.45 बजे समर्थकों द्वारा लगाए जा रहे ‘समरेश दादा अमर रहें’ नारों के बीच सबसे छोटे बेटे संग्राम सिंह ‘सोना’ ने चिता को मुखाग्नि दी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद धनबाद पीएन सिंह, बोकारो विधायक बिरंची नारायण, पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास, विधायक सरयू राय, बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सहित अन्य गणमान्य नेताओं और अधिकारियों ने समरेश सिंह को श्रद्धांजलि दी।

सभी लोगो ने परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी, दादा के अंतिम दर्शन किये।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर अंतिम समय तक परिवार के सदस्यों के साथ रहे, उन्होंने कहा “समरेश सिंह एक महान नेता थे। हम सभी के प्रेरणा थे। वह हमारे लिए एक अभिभावक की तरह थे क्युकी मेरे पिता उनको अपना बड़ा भाई मानते थे”।

चंदनक्यारी में केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह ने समरेश सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि, “समरेश सिंह के पास विकास का विज़न था। उन्होंने जीवन भर लोगों के लिए संघर्ष किया”।

रघुबर दास ने सुबह उनके बोकारो आवास पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि समरेश सिंह दूरदर्शी नेता थे। बोकारो विधायक बिरंची नारायण भी परिजनों को ढांडस बंधाते दिखे।

विधायक अनूप सिंह ने भी कहा, “समरेश सिंह का निधन एक “अपूरणीय क्षति” है।

गोमिया विधायक लम्बोदर महतो ने दादा को याद करते हुए कहा, “जनता से उनका जुड़ाव बहुत ही बेहतरीन था”। वहीं पूर्व मंत्री उमाकांत रजक ने कहा  “समरेश सिंह स्थानीय लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। दादा से सभी का दिल से जुड़ाव था।”


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