Bokaro: जिले के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सोसायटी के तत्वावधान में निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं, मरीजों की सुविधाओं और निर्धारित मानकों के अनुपालन की विस्तार से समीक्षा की गई।

चिकित्सा सेवा को सेवा भाव से जोड़ने पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए सभी अस्पतालों और नर्सिंग होम का संचालन निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुरूप किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मरीज और उनके परिजन अस्पताल में बेहतर वातावरण, पर्याप्त जानकारी और सम्मानजनक व्यवहार के हकदार हैं।
उपायुक्त ने अस्पताल संचालकों को मरीजों की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं की होगी निगरानी
उपायुक्त ने अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ पर्याप्त पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, व्यवस्थित प्रतीक्षालय, सूचना प्रणाली और स्पष्ट साइनेज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गठित टीम सरकारी और निजी अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करेगी। इस दौरान क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत निर्धारित मानकों और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी।
कमियां दूर करने के लिए तय होगी समय-सीमा
उपायुक्त ने अस्पताल संचालकों को अपने-अपने संस्थानों में मौजूद कमियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सभी स्वास्थ्य संस्थानों की जिम्मेदारी है।
डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देने पर जोर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुलभ बनाने की दिशा में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर उपस्थित निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के संचालकों और प्रतिनिधियों को आभा शपथ भी दिलाई गई।
नियमों के पालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने भी अस्पताल संचालकों को क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट सहित सभी निर्धारित नियमों और मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अस्पतालों से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों, व्यवस्थाओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को मानकों के अनुरूप रखने पर जोर दिया।
बैठक में प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, सिविल सर्जन डॉ. एबी प्रसाद, डीएस डॉ. एनपी सिंह, डीपीआरओ रवि कुमार, प्रखंड चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी, निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के संचालक तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


