Bokaro: रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर ने शुक्रवार को बोकारो समाहरणालय में उस समय भावनात्मक रंग ले लिया, जब कसमार प्रखंड के प्लस टू हाई स्कूल, दांतू की छात्राएं अपने हाथों में राखी और देशभक्ति से सजा स्वतंत्रता दिवस बैच लेकर उपायुक्त अजय नाथ झा से मिलने पहुंचीं। छात्राओं की इस आत्मीय पहल ने प्रशासनिक माहौल में अपनापन और राष्ट्रीय भावना की एक खूबसूरत तस्वीर पेश की।

छात्राओं ने डीसी को भेंट की राखी
विद्यालय की छात्राएं उषा कुमारी, सोनाली कुमारी, मोजोसरीन सजमीन और सोमी कुमारी ने उपायुक्त को अपने हाथों से राखी भेंट की। इसके साथ ही उन्होंने तिरंगे की थीम पर आधारित स्वतंत्रता दिवस बैच भी प्रदान किया। छात्राओं के इस स्नेह और सम्मान को देखकर मौके पर मौजूद अधिकारियों के चेहरे पर भी खुशी दिखाई दी।
राखी में भाईचारे का संदेश
छात्राओं की इस पहल में केवल रक्षाबंधन की परंपरा ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और देश के प्रति सम्मान का संदेश भी दिखाई दिया। राखी जहां आपसी स्नेह, विश्वास और भाईचारे का प्रतीक बनी, वहीं तिरंगे की थीम वाला बैच स्वतंत्रता दिवस की भावना और राष्ट्रप्रेम को अभिव्यक्त कर रहा था।

डीसी ने पहल की सराहना की
उपायुक्त अजय नाथ झा ने छात्राओं की इस रचनात्मक और भावनात्मक पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा किए जाने वाले ऐसे प्रयास उनमें राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अधिकारियों ने बढ़ाया छात्राओं का उत्साह
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, सहायक जन संपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी ने छात्राओं के उत्साह, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच की प्रशंसा की।
छोटे प्रयास में बड़ा संदेश
दांतू की इन छात्राओं ने अपने छोटे से प्रयास के जरिए यह संदेश दिया कि देशभक्ति केवल बड़े आयोजनों तक सीमित नहीं है। स्कूल की कक्षा से लेकर समाज के हर हिस्से तक छोटे-छोटे प्रयास भी राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत कर सकते हैं।
स्नेह और राष्ट्रप्रेम का अनोखा संगम
रक्षाबंधन की स्नेहभरी डोर और तिरंगे के रंगों से सजे बैच के माध्यम से छात्राओं ने समाहरणालय में रिश्तों की गर्माहट और राष्ट्रप्रेम की भावना को एक साथ जीवंत कर दिया। उनका यह भावपूर्ण प्रयास स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के उत्सव को यादगार बनाने के साथ-साथ नई पीढ़ी में संस्कार, संवेदना और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना का सुंदर उदाहरण बन गया।


