Bokaro: बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कोयले से लदी एक मालगाड़ी के पांच वैगनों से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। एक वैगन से आग की लपटें भी निकल रही थीं। समय रहते रेलवे प्रबंधन और DVC-CISF की फायर टीम ने मोर्चा संभाल लिया और आग पर काबू पा लिया। इससे बड़ा रेल हादसा टल गया।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर हुआ हादसा
घटना रविवार सुबह करीब छह बजे बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 की है। कोयले से लदी मालगाड़ी कथारा रेलवे साइडिंग से रवाना होकर बिहार के नबीनगर स्थित NTPC से जुड़े NPGA सुपर थर्मल पावर प्लांट जा रही थी। इसी दौरान स्टेशन पर पहुंचने के बाद मालगाड़ी के पांच वैगनों से धुआं उठता देखा गया। एक वैगन से आग की लपटें भी दिखाई दीं।

स्टेशन प्रबंधन ने तुरंत रोकी ट्रेन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टेशन अधीक्षक शैलेश कुमार ने तत्काल मालगाड़ी को प्लेटफॉर्म पर रुकवाया और DVC-CISF फायर यूनिट को सूचना दी। सूचना मिलते ही सब-इंस्पेक्टर राजीव कुमार मौके पर पहुंचे और फायर टीम को स्थिति की जानकारी दी।

सुरक्षा के लिए OHE बिजली बंद
सुरक्षा के मद्देनजर स्टेशन की ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इसके बाद CISF की फायर टीम ने कोयले से भरे वैगनों में लगी आग को बुझाने की कार्रवाई शुरू की। टीम ने समय रहते आग पर काबू पा लिया और उसे दूसरे वैगनों तक फैलने से रोक दिया।
कथारा से सुलगता कोयला लोड होने की आशंका
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि कथारा कोलियरी के कोयला स्टॉक में पहले से लगी आग के कारण कुछ सुलगता हुआ कोयला मालगाड़ी में लोड हो गया होगा। सफर के दौरान हवा के संपर्क में आने से सुलगता कोयला और भड़क गया।
समय रहते टला बड़ा रेल हादसा
बोकारो थर्मल पहुंचने तक एक वैगन से आग की लपटें दिखाई देने लगी थीं। हालांकि, रेलवे और CISF की टीम की त्वरित कार्रवाई से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। इससे आग के अन्य वैगनों तक फैलने और बड़े रेल हादसे की आशंका टल गई।
आग के कारणों की होगी जांच
घटना के बाद स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई। आग लगने के वास्तविक कारण और कोयले से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
