Bokaro: बोकारो में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत शनिवार, 22 अगस्त को सभी नामित कोटपा नोडल पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बोकारो के पुलिस अधीक्षक नाथूराम मीणा ने की। प्रशिक्षण में सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद और पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय पवन कुमार का विशेष सहयोग रहा।

कोटपा और पेका एक्ट के प्रावधानों की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान जिला परामर्शी, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम मो. असलम ने कोटपा एक्ट-2003 एवं पेका एक्ट-2019 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान कोटपा की धारा 4, 5, 6, 6बी, 6सी और 7 के प्रभावी अनुपालन के साथ चालान की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई।
ई-सिगरेट के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान
प्रशिक्षण में ई-सिगरेट के उपयोग और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ई-सिगरेट एवं अन्य प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

हर थाना क्षेत्र में महीने में चार बार कार्रवाई के निर्देश
पुलिस अधीक्षक नाथूराम मीणा ने सभी कोटपा नोडल पदाधिकारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में प्रत्येक माह कम से कम चार बार छापेमारी और चालान की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने नियमित कार्रवाई के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया।
स्कूल और अस्पताल के आसपास विशेष निगरानी
पुलिस अधीक्षक ने स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, सरकारी भवन और न्यायालय के आसपास 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
कार्रवाई की रिपोर्ट हर माह साझा करने का निर्देश
पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय पवन कुमार ने कार्रवाई के दौरान जारी किए गए चालान की रसीद की प्रति सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। साथ ही सभी संबंधित पदाधिकारियों को प्रत्येक माह की गई कार्रवाई की संकलित रिपोर्ट साझा करने को कहा गया।
तंबाकू उत्पादों के स्वास्थ्य दुष्प्रभाव बताए
प्रशिक्षण कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों ने पान मसाला, निकोटीन और अन्य तंबाकू उत्पादों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। अधिकारियों को तंबाकू सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में तंबाकू नियंत्रण कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना तथा तंबाकू और ई-सिगरेट के अवैध उपयोग एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को कानूनी प्रावधानों और कार्रवाई की प्रक्रिया के प्रति व्यावहारिक रूप से जागरूक किया गया।
