Bokaro: सेक्टर-4 सिटी सेंटर स्थित डॉ. विकास रेड लैब में बुधवार को सोनोग्राफी में देरी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। जांच के लिए पहुंचे मरीज के परिजनों और सेंटर के कर्मचारियों के बीच कहासुनी के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। विवाद के दौरान मरीज के साथ आए कुछ युवकों ने सेंटर का शीशे का गेट तोड़ दिया। घटना के बाद सेंटर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
हंगामे की सूचना सेक्टर-4 थाना पुलिस को दी गयी। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संजय कुमार के निर्देश पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और सेंटर के बाहर जुटी भीड़ को हटाया। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाना ले गयी। वहां थाना प्रभारी ने मरीज के परिजनों और सेंटर प्रबंधन का पक्ष सुना।
मरीजों की अधिक संख्या बनी विवाद की वजह
सेंटर प्रबंधक गुंजन कुमार के अनुसार, बुधवार को सोनोग्राफी कराने के लिए बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे थे। अधिक भीड़ के कारण जांच में समय लग रहा था। इसी दौरान एक मरीज के परिजन जल्द सोनोग्राफी कराने की मांग करने लगे। इसे लेकर सेंटर के एक कर्मचारी के साथ उनकी कहासुनी हो गयी। सेंटर प्रबंधन का आरोप है कि कहासुनी के बाद मरीज के साथ आए युवकों ने सेंटर के शीशे के गेट में तोड़फोड़ कर दी। वहीं, मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि सेंटर के कर्मचारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और गुस्से में शीशे का गेट टूट गया।

प्राथमिकी दर्ज नहीं, समझाने के बाद मामला शांत
थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद उन्हें समझाया-बुझाया। सेंटर प्रबंधन अथवा मरीज के परिजनों की ओर से थाना में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी गयी। पुलिस की समझाने के बाद दोनों पक्ष वापस लौट गये। घटना की चिकित्सकों के संगठन, अस्पताल संचालक संगठन, सोनोग्राफी सेंटर संचालक संगठन और पैथोलॉजी लैब संचालक संगठन ने निंदा की है। संगठनों ने घटना पर चिंता जताते हुए पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर भरोसा जताया।
