bokaro: बोकारो पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस जवानों के लिए सिविल डिफेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने जवानों को आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया।

गोल्डन आवर में त्वरित मदद जरूरी
उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर बेहद महत्वपूर्ण होता है। घायल को जल्द अस्पताल पहुंचाने के साथ रास्ते में आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना भी जरूरी है। पुलिस का त्वरित रिस्पॉन्स घायल की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
पांच हजार नागरिकों को मिल चुका प्रशिक्षण
उपायुक्त ने बताया कि सिविल डिफेंस के माध्यम से अब तक करीब पांच हजार नागरिकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षित लोगों तक दुर्घटना की सूचना जल्द पहुंचाने के लिए सिविल डिफेंस के व्हाट्सऐप ग्रुप को पुलिस व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

पुलिस वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था
प्रत्येक पुलिस वाहन और थाना में फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। थाना और पीसीआर वाहनों में नजदीकी एंबुलेंस की संपर्क जानकारी भी रखने की योजना है।
सीपीआर और प्राथमिक उपचार की दी जानकारी
प्रशिक्षण में गोल्डन रूल्स ऑफ फर्स्ट एड, DRS-CAB प्रक्रिया, सीपीआर, रक्तस्राव रोकने तथा घायल को सुरक्षित संभालने की व्यवहारिक जानकारी दी गई। एसपी ने जवानों से प्रशिक्षण में सीखी तकनीकों का जरूरत पड़ने पर प्रभावी उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह समेत पुलिस पदाधिकारी, जवान और सिविल डिफेंस प्रशिक्षक मौजूद रहे।
