Bokaro: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच बोकारो पुलिस ने APK फाइल के जरिए होने वाली ठगी को लेकर व्यापक जागरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। पुलिस की अपराध समीक्षा में सामने आया कि साइबर अपराध से जुड़े 60 फीसदी से अधिक मामले APK फाइल से संबंधित हैं। इसके बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में APK फाइल से सावधान रहने संबंधी पोस्टर और बैनर लगाने का फैसला लिया गया।

मासिक अपराध गोष्ठी में हुई समीक्षा
07 अक्टूबर 2026 को पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में बालीडीह, माराफारी, साइबर थाना और बालीडीह ओपी के प्रभारी समेत सभी अनुसंधानकर्ता शामिल हुए। बैठक में जिले में साइबर अपराध की स्थिति, लंबित कांडों और पुलिस कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।
APK फाइल को लेकर बढ़ाई जाएगी जागरुकता
साइबर अपराध की समीक्षा के दौरान APK फाइल से जुड़े मामलों की संख्या अधिक पाए जाने पर पुलिस अधिकारियों ने तकनीकी उपायों के साथ-साथ आम लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के 60 फीसदी से अधिक मामले APK फाइल से संबंधित पाए गए हैं। ऐसे में लोगों को अनजान स्रोतों से आने वाली APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करने के प्रति जागरूक किया जाएगा।

इसके लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों के प्रति सतर्क करना और अपराध होने से पहले ही उसकी रोकथाम करना है।
60 और 90 दिन में कांडों के निष्पादन पर जोर
बैठक में 60 और 90 दिनों की निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों के निष्पादन को लेकर भी रणनीति तैयार की गई। अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार के साथ लंबित कांडों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों को फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाने तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। पीड़ितों के साथ बेहतर व्यवहार और उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया।
शराब, नशा और जुआ के खिलाफ कार्रवाई
बैठक में शराब, नशीले पदार्थों और जुआ जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा न्यायालय से संबंधित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने को कहा गया।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों की नियमित समीक्षा की जाएगी और लंबित मामलों तथा अपराध नियंत्रण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
साइबर अलर्ट: APK फाइल से ऐसे बचें
- अनजान नंबर या WhatsApp से भेजी गई APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
- बैंक, पुलिस, बिजली विभाग या किसी सरकारी संस्था के नाम पर भेजी गई संदिग्ध APK फाइल से सावधान रहें।
- किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करें।
- मोबाइल में “Unknown Sources” से ऐप इंस्टॉल करने की अनुमति बंद रखें।
- किसी संदिग्ध APK को इंस्टॉल कर लिया है तो तुरंत इंटरनेट बंद करें और बैंकिंग ऐप/खातों की सुरक्षा जांचें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें।
