Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) प्रबंधन की कार्यशैली इन दिनों शहर में गंभीर चर्चा का विषय बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि विभाग की कई योजनाएं अब शहरवासियों के बीच “घोषणा, EOI और फिर सन्नाटा” मॉडल के रूप में देखी जाने लगी हैं। स्कूल आवंटन से लेकर टाउनशिप प्रबंधन तक कई महत्वपूर्ण मामलों में एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (EOI) जारी तो किए गए, लेकिन उनके क्रियान्वयन की दिशा में ठोस प्रगति लगभग शून्य है।

25 बंद गैर-आवासीय भवनों का EOI, 10 महीने बाद भी स्थिति जस की तस
अगस्त 2025 में BSL ने अपने 25 बंद गैर-आवासीय भवनों के पुनः उपयोग और संचालन के लिए EOI जारी किया था। योजना के तहत इन भवनों को लाइसेंस मॉडल पर 33 महीने की अवधि के लिए निजी हाथों में देने की बात कही गई थी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता था। इसमें 19 बीएसएल स्कूल, 3 अपना बाजार, 2 हेल्थ सेंटर और 1 दूरभाष केंद्र शामिल थे। कई एजेंसियों ने इसमें रुचि भी दिखाई और आवेदन प्रक्रिया पूरी की, लेकिन लगभग 10 महीने बीत जाने के बाद भी इस पर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।

सिटी पार्क का निजीकरण प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में
शहर के प्रमुख आकर्षण सिटी पार्क को विकसित करने और उसके संचालन को निजी हाथों में देने के लिए भी 17 दिसंबर 2025 को EOI आमंत्रित किया गया था। योजना में बोटिंग, रेस्तरां, रखरखाव और म्यूजिकल फाउंटेन जैसे सभी संचालन निजी एजेंसी को सौंपने की बात शामिल थी। यह मॉडल रेवेन्यू शेयरिंग आधारित था। EOI की अंतिम तिथि 8 जनवरी 2026 तय थी, लेकिन उसके बाद इस प्रक्रिया पर कोई सार्वजनिक अपडेट नहीं आया है। वर्तमान में बीएसएल केवल तालाब और पार्क की सामान्य सफाई कार्यों तक सीमित नजर आ रहा है।
अवैध कब्जा और सुरक्षा प्रबंधन पर भी निजी एजेंसी का प्रस्ताव अधर में
टाउनशिप में अवैध कब्जे रोकने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आवासीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के लिए भी निजी एजेंसी की नियुक्ति का प्रस्ताव लाया गया था। बीएसएल के संचार प्रमुख मणिकांत धान ने जानकारी दी थी कि तीन वर्षों के अनुभव वाली एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे गए थे। इसकी अंतिम तिथि 7 अगस्त 2025 थी, लेकिन इस दिशा में भी आगे कोई स्पष्ट प्रगति सामने नहीं आई है।
हॉर्टिकल्चर विभाग का निजीकरण प्रस्ताव भी निष्क्रिय
शहर की हरियाली और सौंदर्य बनाए रखने के लिए 6 सितंबर 2025 को हॉर्टिकल्चर विभाग ने भी EOI जारी किया था। इसमें पार्कों के विकास, पेड़ों की देखभाल, छंटाई और आधुनिक उपकरणों के उपयोग जैसी जिम्मेदारियां निजी एजेंसियों को देने की योजना थी। लेकिन इस प्रस्ताव पर भी अब तक कोई सक्रियता नहीं दिखी है।
जू प्रबंधन योजना भी अटकी
BSL द्वारा रांची जू या अन्य प्राधिकरणों के साथ साझेदारी कर तकनीकी सुधार और बेहतर संचालन की योजना भी बनाई गई थी। इसके लिए पांच सदस्यीय तकनीकी समिति का गठन हुआ था, लेकिन 13 अगस्त 2025 से यह प्रस्ताव भी विचार-विमर्श की स्थिति में ही अटका हुआ है।
लॉलीपॉप
कुल मिलाकर BSL की कई EOI योजनाएं कागजों पर तो सक्रिय दिखती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर परिणाम गायब हैं। इससे शहर में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर इन “लॉलीपॉप” योजनाओं का भविष्य क्या है – तेजी से विकास या सिर्फ फाइलों में सिमटी घोषणाएं ?
BSL चीफ ऑफ़ कम्युनिकेशन, मणिकांत धान
- गैर आवासीय भवन के सन्दर्भ में 19 लोगों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था पर बाद में उस प्रक्रिया से स्वयं बाहर होने का निर्णय लिए.
- बोकारो स्टील सिटी में नागरिक सुविधाओं के उन्नयन एवं बेहतर प्रबंधन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया जाना स्वयं इस दिशा में प्रबंधन की स्पष्ट प्रतिबद्धता और सकारात्मक पहल का प्रमाण है। ईओआई किसी भी परियोजना की केवल प्रारंभिक प्रक्रिया होती है, जिसके बाद प्राप्त प्रस्तावों का तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन, वैधानिक अनुमोदन तथा अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। ऐसे में प्रत्येक पहल को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और दीर्घकालिक जनहित सुनिश्चित करते हुए अंतिम रूप देने में स्वाभाविक रूप से समय लग सकता है। बीएसएल प्रबंधन बोकारो इस्पात टाउनशिप के समग्र विकास एवं नागरिक सुविधाओं के सतत उन्नयन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

