Bokaro : नौकरी से रिटायर होने के करीब सात महीने बाद भी सीएमपीएफ और पेंशन का भुगतान नहीं हुआ। भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई। आखिरकार परेशान रिटायर्ड कर्मचारी ने सीबीआई का दरवाजा खटखटाया और शुक्रवार को गोविंदपुर परियोजना कार्यालय में ऐसा जाल बिछा कि दो क्लर्क 18 हजार रुपये के साथ पकड़े गए।

मामला सीसीएल के कथारा एरिया स्थित गोविंदपुर परियोजना का है। धनबाद सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने सीएमपीएफ डीलिंग क्लर्क मेघलाल महतो और पेंशन डीलिंग क्लर्क मोहम्मद इम्तियाज को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
सात महीने पहले हुए थे रिटायर, फिर भी अटका रहा भुगतान
जनता नगर निवासी रसूल जमा गोविंदपुर परियोजना के सर्वे विभाग में कार्यरत थे। करीब सात महीने पहले सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनका सीएमपीएफ और पेंशन से जुड़ा भुगतान लंबित था। आरोप है कि भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में दोनों क्लर्क उनसे पैसे की मांग कर रहे थे। लगातार परेशानी के बाद रसूल जमा ने धनबाद सीबीआई से शिकायत की।

शिकायत मिली तो CBI ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पहले आरोपों का सत्यापन किया। इसके बाद दोनों क्लर्कों को पकड़ने के लिए ट्रैप की तैयारी की गई।
शुक्रवार सुबह करीब 11.30 बजे इंस्पेक्टर रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में सीबीआई की टीम गोविंदपुर परियोजना कार्यालय पहुंची। योजना के मुताबिक रसूल जमा 18 हजार रुपये लेकर वहां पहुंचे।
जैसे ही उन्होंने दोनों क्लर्कों को रकम दी, आसपास मौजूद सीबीआई अधिकारियों ने दोनों को पकड़ लिया। अचानक हुई कार्रवाई से परियोजना कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद टीम अपने साथ ले गई।
CCL प्रबंधन ने भी की गिरफ्तारी की पुष्टि
कथारा एरिया के महाप्रबंधक ए.के.बी. सिंह ने दोनों कर्मचारियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की जांच जारी है।
