Bokaro: बोकारो के चिरा चास थाना क्षेत्र में करीब 45 महीने पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुए 32 वर्षीय खालिद अंसारी का कंकाल सोमवार शाम कब्रिस्तान से बरामद किया गया। खालिद चंदनकियारी के बरमसिया गांव का निवासी था। मामले में पुलिस ने उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुराने केस की समीक्षा से मिला सुराग
बोकारो एसपी नाथू सिंह मीणा ने बताया कि पुराने लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान खालिद के लापता होने की शिकायत दोबारा सामने आई। इसके बाद एक विशेष जांच टीम बनाई गई। इसी टीम ने संदिग्धों तक पहुंचकर पूरे मामले की तह तक जाने का काम किया।
दोस्तों ने कबूला हत्या का सच
पुलिस पूछताछ में गौशनगर निवासी अलाउद्दीन उर्फ गुड्डू और शमीयुद्दीन ने हत्या की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि शराब के नशे में पैसों और एक महिला को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान लोहे की रॉड से खालिद के सिर पर हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

हत्या के बाद दफनाया शव
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद घबराए आरोपियों ने शव को चिरा चास इलाके के कब्रिस्तान में दफना दिया। कई महीनों तक यह राज दबा रहा। ताजा पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर कंकाल बरामद किया गया।
2022 में हुआ था लापता
खालिद 14 जून 2022 को अचानक लापता हो गया था। उस दिन उसकी पत्नी ने परिवार को फोन कर जानकारी दी थी। बाद में उसका मोबाइल कुछ युवकों ने लौटाया, जबकि उसकी बाइक भरा कब्रिस्तान के पास लावारिस हालत में मिली थी। तभी से परिवार को अनहोनी की आशंका थी।
फॉरेंसिक जांच जारी
फिलहाल बरामद कंकाल का डीएनए और फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में कोई और शामिल था या नहीं।

