वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (VISL) ने अपने कर्मचारियों को शेयर आधारित लाभ देने के साथ-साथ विभिन्न संबंधित पक्ष लेनदेन (Related Party Transactions) को मंजूरी दिलाने के लिए पोस्टल बैलेट नोटिस जारी किया है। कंपनी ने Employee Stock Option Plan 2026 (VISL ESOP 2026), Employee Share Purchase Plan 2026 (VISL ESPP 2026) और कई महत्वपूर्ण RPT के लिए शेयरधारकों की स्वीकृति मांगी है। प्रस्तावित संबंधित पक्ष लेनदेन में बोकारो स्थित ESL Steel Limited समेत वेदांता समूह की कई कंपनियां शामिल हैं।
कंपनी के अनुसार, पोस्टल बैलेट के तहत ई-वोटिंग 1 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे शुरू होकर 30 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक चलेगी। शेयरधारक इस अवधि के दौरान प्रस्तावों पर अपना मत दे सकेंगे।
डिमर्जर के बाद VISL का नया कॉरपोरेट ढांचा
वेदांता लिमिटेड से डिमर्जर प्रभावी होने के बाद 1 मई 2026 से वेदांता आयरन एंड स्टील स्वतंत्र सूचीबद्ध इकाई के रूप में अस्तित्व में आई। इसके बाद कंपनी अपने नए कॉरपोरेट ढांचे के अनुरूप कर्मचारी लाभ योजनाओं और समूह की कंपनियों के साथ कारोबारी लेनदेन को औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया में है। बोकारो के लिहाज से यह प्रस्ताव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ESL Steel सहित समूह की विभिन्न कंपनियों के बीच कारोबारी लेनदेन इस्पात उत्पादन, आपूर्ति, सेवाओं और अन्य परिचालन गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं।
ESOP के तहत 16.62 करोड़ विकल्प
VISL ESOP 2026 के तहत कर्मचारियों के लिए अधिकतम 16,62,04,184 स्टॉक ऑप्शन का पूल प्रस्तावित किया गया है। यह कंपनी की कुल चुकता शेयर पूंजी का करीब 4.25 प्रतिशत है। इसी तरह VISL ESPP 2026 के तहत 2,93,30,150 शेयर, यानी करीब 0.75 प्रतिशत शेयर पूंजी, कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। कंपनी का कहना है कि दोनों योजनाओं को ‘VISL ESOS Trust’ के माध्यम से लागू किया जाएगा। ट्रस्ट बाजार से सेकेंडरी एक्विजिशन के जरिए शेयर खरीदेगा। इसका मतलब मौजूदा शेयरधारकों के लिए अतिरिक्त इक्विटी डायल्यूशन नहीं होगा।
इन योजनाओं का लाभ होल्डिंग कंपनी और सहायक कंपनियों के कर्मचारियों तक भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। शेयर खरीद के लिए कंपनी ट्रस्ट को ब्याज मुक्त ऋण भी दे सकती है, जिसकी सीमा कुल पेड-अप शेयर कैपिटल और फ्री रिजर्व के 5 प्रतिशत तक रखी गई है।
प्रदर्शन के आधार पर होगा ESOP का वेस्टिंग
ESOP के तहत कर्मचारियों को मिलने वाले विकल्पों का वेस्टिंग उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन और कंपनी के प्रदर्शन से जुड़े मानकों पर निर्भर करेगा। वेस्टिंग की अवधि न्यूनतम एक वर्ष और अधिकतम पांच वर्ष रखी गई है।
संबंधित कंपनियों के साथ लेनदेन पर भी वोट
शेयरधारकों से कंपनी और उसकी विभिन्न सहायक कंपनियों के बीच प्रस्तावित संबंधित पक्ष लेनदेन को भी मंजूरी देने को कहा गया है। इनमें Sesa Resources Limited, Sesa Mining Corporation Limited, ESL Steel Limited, Bloom Fountain Limited, Western Cluster Limited और Desai Cement Company Private Limited शामिल हैं। इन लेनदेन में वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-बिक्री, फिक्स्ड एसेट से जुड़े लेनदेन और लागत की प्रतिपूर्ति जैसे नियमित कारोबारी लेनदेन शामिल हैं।
कंपनी ने नोटिस में कहा है कि डिमर्जर से पहले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का टर्नओवर शून्य था। इस कारण SEBI के Listing Regulations के तहत सामान्य कारोबारी लेनदेन भी तकनीकी रूप से ‘material’ RPT की श्रेणी में आ गए। हालांकि, कंपनी के बोर्ड के मुताबिक FY26 में समेकित परिचालन राजस्व Rs 13,339 करोड़ रहा था और उस आधार पर इन लेनदेन का वास्तविक कारोबारी आकार की तुलना में महत्व सीमित है।
FY27 में नया ऑडिटर संभालेगा जिम्मेदारी
कंपनी ने FY27 के लिए M/s S.R. Batliboi & Co. LLP को वैधानिक ऑडिटर नियुक्त करने का प्रस्ताव भी रखा है। पूर्व ऑडिटर M/s Haribhakti & Co. LLP के इस्तीफे के बाद उत्पन्न आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए S.R. Batliboi & Co. LLP की नियुक्ति की गई है।
FY27 के लिए प्रस्तावित ऑडिट फीस Rs 2.45 करोड़, टैक्स को छोड़कर, रखी गई है। कंपनी के मुताबिक स्वतंत्र सूचीबद्ध इकाई बनने के बाद ऑडिट सेवाओं के दायरे में बदलाव को देखते हुए यह शुल्क तय किया गया है।
बोकारो के लिए क्यों अहम है प्रस्ताव
वेदांता समूह की इस प्रक्रिया में ESL Steel का शामिल होना बोकारो के औद्योगिक परिदृश्य के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पोस्टल बैलेट में प्रस्तावित RPT से यह भी स्पष्ट होता है कि डिमर्जर के बाद वेदांता समूह की कंपनियों के बीच कारोबारी संबंधों और लेनदेन को नए सूचीबद्ध ढांचे के अनुरूप औपचारिक रूप दिया जा रहा है।

