Bokaro : बोकारो में विकास की तस्वीर इन दिनों कुछ ऐसी नजर आ रही है कि सड़क पर वाहन चलाने की जगह धान की खेती करना ज्यादा आसान लगने लगा है। नयामोड़ से रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क पर सीईजे और दुग्गल गेट के समीप पिछले कई दिनों से जमा पानी ने सड़क को तालाब का रूप दे दिया है। राहगीरों की परेशानी को देखते हुए भाजपा माराफारी मंडल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को इसी जलजमाव वाली सड़क पर धान रोपनी कर व्यवस्था पर तंज कसा।
सड़क पर गड्ढे नहीं, खेती की पूरी तैयारी!
कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने जलजमाव वाले हिस्से में धान के पौधे लगाए। संदेश साफ था—जब सड़क पर पानी इतना जमा हो जाए कि वाहन चलाना मुश्किल और खेती करना आसान हो जाए, तो फिर प्रशासन और प्रबंधन को परेशान करने की जरूरत ही क्या है!
भाजपा माराफारी मंडल अध्यक्ष बैधनाथ प्रसाद लालू ने कहा कि यह सड़क बोकारो और बीएसएल प्रबंधन की महत्वपूर्ण लाइफलाइन है। इसके बावजूद सड़क की बदहाली और जलजमाव को लेकर संबंधित प्रबंधन की गंभीरता नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन हजारों मजदूरों और राहगीरों के अलावा सैकड़ों वाहनों का आवागमन इसी मार्ग से होता है, लेकिन जलजमाव के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मोटर पंप चले या फिर नाव उतरे?
भाजपा नेताओं ने मांग की कि सड़क पर जमा पानी को तत्काल मोटर पंप के माध्यम से हटाया जाए और जर्जर सड़क की मरम्मती कराई जाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि समस्या इतनी पुरानी हो चुकी है कि अब लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि सड़क पर वाहन चलाएं या धान रोपें।
विडंबना यह है कि जिस सड़क को बोकारो की औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, उसी पर जलनिकासी की व्यवस्था सवालों के घेरे में है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस समस्या के समाधान के लिए सांसद से भी आग्रह किए जाने की बात कही।
विरोध का तरीका अलग, सवाल वही
धान रोपनी कार्यक्रम के जरिए भाजपा ने जिम्मेदार एजेंसियों को यह संदेश देने की कोशिश की कि सड़क की समस्या अब केवल शिकायत और आवेदन तक सीमित नहीं रह गई है। जलजमाव लगातार बना रहा तो सड़क का इस्तेमाल खेती के लिए होने लगेगा।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष बैधनाथ प्रसाद लालू, निवर्तमान मंडल अध्यक्ष धनंजय चौबे, महिला मोर्चा अध्यक्ष राधा देवी, ज्ञानेश्वर प्रसाद गुड्डू, महामंत्री शिवकुमार पांडेय एवं रामविनय कुमार, रामाधार सिंह यादव, लव तिवारी, रामबालक सिंह, देवला टुडू, मीना देवी, पूजा देवी, गणेश सिंह, संजय सिंह, नवल वर्मा, रतन लाल, द्वारिका नाथ सिंह समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

