Bokaro: दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो में सोमवार को हिन्दी दिवस समारोह उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय की प्राथमिक एवं वरीय दोनों इकाइयों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से हिन्दी के संरक्षण, संवर्द्धन और सम्मान का संदेश दिया गया।

हिन्दी हमारी जड़ों से जोड़ती है : डॉ. गंगवार
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने कहा कि हिन्दी मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों की जननी और समृद्ध भारतीय संस्कृति की पहचान है। यह हमारी भावनाओं, परंपराओं और विचारों को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी है। अन्य भाषाएं जहां हमें दुनिया से जोड़ती हैं, वहीं हिन्दी हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है।
भाषा के सम्मान से मजबूत होती है पहचान
प्राचार्य ने हिन्दी दिवस की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें अपनी भाषा को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। इतिहास गवाह है कि जो देश अपनी भाषा भूल जाते हैं, वे धीरे-धीरे अपनी संस्कृति और पहचान भी खो देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को हिन्दी के सम्मान के साथ अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी में पूरी लगन, मेहनत और निष्ठा से जुटने की शुभकामनाएं दीं।

कविता पाठ ने बांधा समां
विशेष प्रार्थना-सभा की पूरी कार्यवाही हिन्दी में हुई। वरीय इकाई के छात्र मन्नत पांडेय ने हिन्दी की महत्ता पर कविता का सस्वर पाठ किया। वहीं अर्थित सिंह ने ‘आने वाले हैं शिकारी मेरे गांव में…’ कविता के माध्यम से नेताओं की अवसरवादिता पर व्यंग्य प्रस्तुत किया।
‘स्वरा’ पत्रिका का हुआ विमोचन
हिन्दी विभाग की ओर से प्रकाशित गृह पत्रिका ‘स्वरा’ के सितंबर 2026 संस्करण का विमोचन भी किया गया। इसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों की रचनाओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
प्राथमिक इकाई में रंगारंग कार्यक्रम
प्राथमिक इकाई के बच्चों ने ‘हिन्दी भाषा सबसे प्यारी…’ समूहगान और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। हिन्दी पखवाड़ा के तहत स्वरचित कविता पाठ, मुहावरे और पहेली जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताओं में भी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
