Bokaro: डीपीएस बोकारो में आयोजित तीन दिवसीय प्रतियोगिता ‘सृजन’ का समापन अंतर-सदन विज्ञान एवं बाल अधिकार प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता के साथ हुआ। अंतिम दिन लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने विज्ञान, रोबोटिक्स और बाल अधिकारों से जुड़े नवाचारी मॉडल प्रस्तुत किए। जूनियर और सीनियर वर्गों में करीब 40 स्टॉल लगाए गए।


समाज और पर्यावरण के हित में विज्ञान पर जोर
कार्यक्रम का उद्घाटन आईआईटी (आईएसएम), धनबाद की अंतरराष्ट्रीय संबंध विभागाध्यक्ष प्रो. रजनी सिंह ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान की वास्तविक सार्थकता समाज, मानवता और प्रकृति के हित में है। विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में विद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना सतत भविष्य के लिए आवश्यक है।
रोबोटिक्स से आपदा प्रबंधन तक दिखे नवाचार
‘स्टेम फॉर विकसित एंड आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर विद्यार्थियों ने सड़क एवं नदी की सफाई के लिए रोबोटिक तकनीक, बाढ़ पूर्वानुमान, औद्योगिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और सड़क दुर्घटना रोकने वाले अलर्ट सिस्टम के मॉडल प्रदर्शित किए। बाल अधिकार प्रतियोगिता में संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा और विश्व शांति का संदेश दिया गया। रोबोटिक्स के चलंत मॉडल और कंपोजिट स्किल लैब की परियोजनाएं भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर
निर्णायक मंडली में बीआईटी मेसरा, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और साइंस फॉर सोसाइटी के विशेषज्ञ शामिल थे। इससे पूर्व क्विज और आईटी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए.एस. गंगवार ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की वैज्ञानिक चेतना, रचनात्मकता और नवाचार क्षमता को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सभी प्रतियोगिताओं के परिणाम बाद में घोषित किए जाएंगे।
