Bokaro: एआईसीटीई एवं शिक्षा मंत्रालय के नवाचार प्रकोष्ठ की नवाचार संस्कृति एवं उद्यमिता विकास (डाइस) पहल के तहत जीजीएसईएसटीसी, कांड्रा की ओर से शुक्रवार को विभिन्न विद्यालयों में नवाचार एवं उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान और उद्यमिता की भावना विकसित करना रहा।

सतनपुर स्कूल में 100 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
पंचानन राजबाला +2 उच्च विद्यालय, सतनपुर में आयोजित कार्यक्रम में जीजीएसईएसटीसी के निदेशक डॉ. प्रियदर्शी जरुहार संसाधन व्यक्ति रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों की पहचान, उनके विकास और व्यावहारिक समाधान में बदलने की प्रक्रिया समझाई। कार्यक्रम में 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
विद्यार्थियों को नवाचार के लिए किया प्रेरित
डॉ. जरुहार ने कहा कि विद्यालय स्तर पर नवाचार की सोच विकसित करने से विद्यार्थियों को अपने विचारों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक सेवदास हेम्ब्रम एवं पवन कुमार तिवारी का सहयोग रहा।

हरनाद स्कूल में भी हुआ उद्यमिता कार्यक्रम
पीएम श्री एस.एन. +2 उच्च विद्यालय, हरनाद में भी डाइस पहल के तहत कार्यक्रम हुआ। जीजीएसईएसटीसी के सहायक प्राध्यापक गौतम कुमार ने विद्यार्थियों को विचार सृजन, समस्या समाधान और उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। यहां भी 100 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
नवाचार संस्कृति को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों के साथ अपने प्रश्न और विचार साझा किए। जीजीईएस, बोकारो के अध्यक्ष तरसेम सिंह एवं सचिव सुरेंद्र पाल सिंह ने पहल की सराहना की। दोनों विद्यालयों में कुल 200 विद्यार्थियों की सहभागिता रही।
