Bokaro: जेएसडब्ल्यू पर्वतपुर कोल ब्लॉक से जुड़े रैयतों की मांगों और लगातार जारी धरना-प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने मामले में पहल तेज कर दी है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने शुक्रवार को कंपनी प्रबंधन, जिला खनन पदाधिकारी (DMO) और संबंधित अंचलाधिकारी को रैयतों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान करने तथा सभी पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।
रैयतों और जमीन का होगा सत्यापन
उपायुक्त ने अंचलाधिकारी को प्रभावित क्षेत्र के सभी रैयतों और उनकी जमीन की पहचान कर राजस्व अभिलेखों के आधार पर सत्यापन करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। इसके बाद सभी योग्य रैयतों की डिजिटल सूची तैयार की जाए, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम छूटने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका न रहे।

धरना-प्रदर्शन के बीच निषेधाज्ञा रहेगी लागू
क्षेत्र में जारी तनाव और धरना-प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता दी है। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए एसडीएम द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी।

कानून हाथ में लेने पर होगी कार्रवाई
डीसी ने कंपनी प्रबंधन और रैयतों, दोनों पक्षों को प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की छूट नहीं दी जाएगी। सभी विवादों और मांगों का निपटारा कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा। विधि-व्यवस्था बाधित करने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने, आपसी समन्वय बनाए रखने और विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकालने की अपील की है।
