Bokaro: दहेज की मांग को लेकर पत्नी को प्रताड़ित करने और बाद में साड़ी से गला घोंटकर उसकी हत्या करने के मामले में बोकारो कोर्ट ने दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश-4 गरिमा मिश्रा की अदालत ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी उमेश गोप (41) को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास के साथ 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

पत्नी की हत्या तक पहुंचा दहेज विवाद
विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) राकेश कुमार राय ने बताया कि मृतका रिंकी देवी (29) धनबाद के महुदा क्षेत्र की रहने वाली थी। वर्ष 2014 में उसकी शादी उमेश गोप से हुई थी। दंपती के दो बच्चे थे। अभियोजन के अनुसार, दूसरे बच्चे के जन्म के बाद उमेश ने रिंकी को दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वह कथित तौर पर रिंकी के मायके से दो लाख रुपये और मोटरसाइकिल की मांग करता था। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती थी।
मायके पहुंची तो माफी मांगकर वापस ले गया
लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर रिंकी अपने पिता के घर चली गई थी। कुछ समय बाद उमेश वहां पहुंचा और ससुराल वालों के सामने अपनी गलती के लिए माफी मांगते हुए दोबारा ऐसा व्यवहार नहीं करने का भरोसा दिया। इसके बाद वह रिंकी और अपनी बेटी को लेकर वापस घर लौट आया। लेकिन उसी शाम दोनों के बीच फिर विवाद शुरू हो गया। आरोप था कि गुस्से में उमेश ने रिंकी की साड़ी से ही उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद वह मौके से फरार हो गया।

बेटी की चीख सुनकर पहुंचे पड़ोसी
घटना के बाद रिंकी की बेटी आरती के रोने और चीखने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने रिंकी को मृत अवस्था में पाया और घटना की सूचना पुलिस को दी। यह घटना 22 फरवरी 2024 को चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पुपुंनकी में हुई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने उमेश गोप को पत्नी की हत्या का दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई।
