Bokaro: बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) में महिला अधिकारियों की तकनीकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से 11 और 12 अगस्त को मानव संसाधन ज्ञानार्जन एवं विकास (L&D) केंद्र के सम्मेलन कक्ष में दो दिवसीय ‘तन्मात्रा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। E4 से E7 श्रेणी की 24 महिला अधिशासियों के लिए आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण का विषय ‘परिचालन 2.0 : पुनर्समीक्षा एवं पुनर्समझ’ रहा।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिला अधिकारियों को इस्पात निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया, तकनीकी कौशल, गुणवत्ता प्रबंधन और आधुनिक परिचालन पद्धतियों की व्यापक समझ प्रदान करना था। इससे पहले ‘तन्मात्रा’ कार्यक्रम का आयोजन 22 जुलाई को किया गया था।

तकनीकी सत्रों में उत्पादन प्रक्रिया की बारीकियों पर चर्चा
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन ज्ञानार्जन एवं विकास) ने किया। इसके बाद विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने कोक मेकिंग, सिंटर मेकिंग, आयरन मेकिंग, स्टील मेकिंग, हॉट रोलिंग और कोल्ड रोलिंग जैसी प्रमुख प्रक्रियाओं पर विस्तृत तकनीकी सत्र लिए। प्रतिभागियों को उत्पादन प्रक्रिया के साथ गुणवत्ता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की भी जानकारी दी गई।
ESG और डिजिटल परिवर्तन पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान पर्यावरण, सामाजिक एवं शासन यानी ESG की अवधारणा और दैनिक परिचालन में इसकी उपयोगिता पर विशेष चर्चा हुई। इसके अलावा बोकारो स्टील प्लांट में संचालित डिजिटल परिवर्तन की विभिन्न पहलों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
निर्णय क्षमता को बेहतर बनाने पर फोकस
दो दिवसीय सत्र में वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बदलती औद्योगिक परिस्थितियों में तकनीकी ज्ञान, गुणवत्ता और प्रबंधन कौशल के समन्वय की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
वैलेडिक्ट्री सत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह पहल बोकारो स्टील प्लांट में महिला कार्यपालकों के तकनीकी सशक्तीकरण, नेतृत्व विकास और समावेशी कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अधिकारियों की डिजिटल दक्षता और परिचालन क्षमता में वृद्धि से संयंत्र की कार्यकुशलता और परिचालन उत्कृष्टता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

