Bokaro: रंगों, मिट्टी और कलात्मक अभिव्यक्तियों के जरिए सामाजिक सरोकारों को उजागर करते हुए 250 से अधिक विद्यार्थियों ने अंतर-सदन दृश्यकला प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाई। शुक्रवार को आयोजित इस प्रतियोगिता में कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न कलात्मक विधाओं के माध्यम से वैश्विक शांति, पर्यावरण संरक्षण, सर्वधर्म समभाव और नशामुक्ति का संदेश दिया।

पेंटिंग और पोस्टर से उठाए ज्वलंत मुद्दे
ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग में जूनियर विद्यार्थियों ने ‘When Nature Suffers, Humanity Suffers’ और सीनियर विद्यार्थियों ने ‘There Is No Planet B’ विषय पर चित्र बनाए। पोस्टर मेकिंग में ‘Stop Drugs’ के जरिए नशामुक्ति, जबकि ‘Religion for Love, Not War’ के माध्यम से प्रेम, सद्भाव और विश्व शांति का संदेश दिया गया।
फेस पेंटिंग से रंगोली तक दिखी कलात्मक विविधता
फेस पेंटिंग में जूनियर वर्ग ने शांति और सीनियर वर्ग ने पौराणिक पात्रों एवं कल्पनाओं को दर्शाया। रंगोली में विद्यार्थियों ने विद्यालय की 40 वर्षों की यात्रा तथा भारत की सांस्कृतिक विविधता को उकेरा। क्ले मॉडलिंग में प्राचीन कलाकृतियों और एक्वेरियम के मॉडल बनाए गए। वहीं, कैलीग्राफी में विद्यार्थियों ने सुंदर अक्षरों के जरिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की।

प्राचार्य ने विद्यार्थियों की संवेदनशीलता को सराहा
प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने विद्यार्थियों की कलाकृतियों का अवलोकन कर उनके विचारों को जाना। उन्होंने कहा कि बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से समाज और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को अभिव्यक्त किया है। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध विश्व के निर्माण में विद्यार्थियों की रचनात्मकता और संवेदनशीलता महत्वपूर्ण है। प्रतियोगिता के परिणाम बाद में घोषित किए जाएंगे।
