Bokaro: एक तरफ बोकारो स्टील प्लांट (Bokaro Steel Plant) के अधिकारी पर्यावरण, सतत विकास और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी की शपथ लेते नजर आते हैं, तो दूसरी तरफ प्लांट क्षेत्र और आसपास के इलाकों में बढ़ता प्रदूषण एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहा है। कहा जा रहा है कि “Environment & Sustainability” विभाग के नाम पर लगातार बड़े-बड़े दावे, प्रशिक्षण और नीतिगत बातें तो हो रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत धूल, धुएं और प्रदूषण की परतों में कहीं दबती दिख रही है।

बीएसएल का प्रशिक्षण कार्यक्रम

बीएसएल के मानव संसाधन विकास विभाग में ईसीएस (ECS) विभाग के सहयोग से “ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी और सतत भविष्य निर्माण” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन की गणना, उसके प्रभाव, वैश्विक एवं राष्ट्रीय नियमों तथा उत्सर्जन घटाने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें विश्व इस्पात संघ (World Steel Association) की गणना पद्धति पर भी चर्चा हुई। साथ ही इस्पात उद्योग में कार्बन उत्सर्जन के स्रोत, पर्यावरण पर असर, जलवायु परिवर्तन और उत्पाद लागत पर इसके प्रभाव को लेकर प्रतिभागियों को जानकारी दी गई।

कागजों में हरियाली, जमीन पर धूल का राज ?

हालांकि बीएसएल में अक्सर इन कार्यक्रमों के माध्यम से नीतिगत चर्चा होती आ रही हैं। पर शहर में घरों के भीतर, पेड़ों और वाहनों पर हर दिन जमती धूल की मोटी परतें और आसपास के इलाकों में फैलता प्रदूषण कुछ और ही कहानी बयां करते नजर आते हैं। विस्थापित गांव भी प्रदुषण से प्रभावित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित भविष्य की बातें बीएसएल में केवल बैठकों और प्रशिक्षण तक सीमित रह गई हैं, जबकि वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है।

क्या है , ग्रीनहाउस गैसें
ग्रीनहाउस गैसें वायुमंडल में मौजूद वे सभी गैसें हैं जो अवरक्त विकिरण को अवशोषित और उत्सर्जित करती हैं, जिससे पृथ्वी के वायुमंडल में ऊष्मा अवरुद्ध हो जाती है। यह प्राकृतिक प्रक्रिया हमारे ग्रह को रहने योग्य बनाए रखती है, लेकिन मानवीय गतिविधियों से होने वाले अत्यधिक उत्सर्जन से वैश्विक तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है।
प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें
ग्रीनहाउस प्रभाव में योगदान देने वाली प्राथमिक गैसों को समझने से उनके स्रोतों और प्रभावों को स्पष्ट करने में मदद मिलती है:
- -कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂): सबसे महत्वपूर्ण ग्रीनहाउस गैस। यह मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन (कोयला, प्राकृतिक गैस, तेल), ठोस अपशिष्ट और लकड़ी जलाने से वायुमंडल में प्रवेश करती है।
- -मीथेन (CH₄): कोयला, प्राकृतिक गैस और तेल उत्पादन के दौरान, साथ ही कृषि पद्धतियों (जैसे पशुपालन) और लैंडफिल में सड़ते जैविक कचरे से निकलने वाली एक अत्यंत शक्तिशाली गैस।
- -नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O): कृषि गतिविधियों, भूमि उपयोग और औद्योगिक दहन के दौरान इसका भारी मात्रा में उत्सर्जन होता है।
- -फ्लोरीनयुक्त गैसें: विभिन्न औद्योगिक, वाणिज्यिक और घरेलू अनुप्रयोगों से उत्सर्जित होने वाली शक्तिशाली, कृत्रिम गैसें – जैसे कि हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (एचएफसी)।
- -जल वाष्प: वायुमंडल में सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली ग्रीनहाउस गैस। यह जलवायु प्रतिक्रिया के रूप में कार्य करती है, और पृथ्वी के वायुमंडल के गर्म होने के साथ इसकी मात्रा बढ़ती जाती है।

