Bokaro: बोकारो में शुक्रवार का दिन एक भावनात्मक संदेश और बदलाव की मिसाल बन गया, जब चास प्रखंड के तियारा गांव निवासी राजीव शर्मा ने अपनी नवजात बेटी के स्वागत को एक यादगार उत्सव में बदल दिया। बोकारो सदर अस्पताल से जब वह अपनी बच्ची को घर ले जाने पहुंचे, तो उनका पूरा वाहन रंग-बिरंगे गुब्बारों और “Welcome Baby, It’s A Baby Girl” जैसे संदेशों से सजा हुआ था। यह दृश्य देख अस्पताल परिसर में मौजूद लोग रुक गए और कई ने इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।

भावनाओं से भरे राजीव शर्मा ने कहा, “पिता बनना जीवन का सबसे खास एहसास है, और मेरी बेटी के आने से यह खुशी दोगुनी हो गई है।” उन्होंने आगे कहा, “आज भी समाज में कई जगह बेटा-बेटी में फर्क किया जाता है, जो गलत है। दोनों समान हैं और दोनों को बराबर प्यार मिलना चाहिए।”
बीसीसीएल (Bharat Coking Coal Limited) में कार्यरत राजीव ने बताया कि परिवार में बच्ची के स्वागत के लिए गांव में भव्य भोज का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी बेटी का नाम “शिवांशी” रखा है। परिजनों की आंखों में भी खुशी साफ झलक रही थी। उनके एक रिश्तेदार ने कहा, “बेटी हर समय प्यारी होती है, आज का दिन हमारे लिए गर्व और खुशी से भरा हुआ है।”

यह घटना सिर्फ एक जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव का मजबूत संदेश बन गई, खासकर तब जब 2011 की जनगणना के अनुसार बोकारो में 1000 लड़कों पर 923 लड़कियां दर्ज की गई थीं।

