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राजनीति और परिवार: स्व. समरेश सिंह की ‘बहुएं’ राजनीति के अखाड़े में आमने-सामने, एक कांग्रेस तो दूसरी अब भाजपा में


Bokaro: राजनितिक अखाड़े में आज के बाद स्वर्गीय समरेश सिंह की छोटी और बड़ी बहु आमने-सामने होंगी। स्वर्गीय समरेश सिंह की बड़ी बहु यानि सिद्धार्थ सिंह मान्ना की पत्नी और महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष परिंदा सिंह ने गुरुवार को कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है। रांची भाजपा ऑफिस में पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के समक्ष परिंदा सिंह भाजपा में शामिल हो गई। इस मौके पर अन्य भाजपा नेता मौजूद थे।

बोकारो विधानसभा चुनाव पर क्या पड़ेगा इसका असर
तीन राज्यों के चुनावो में भाजपा की बेहतरीन जीत का असर दूसरे राज्यों के राजनितिक समीकरण पर भी पड़ने लगा है। बोकारो भी इससे अछूता नहीं है। पिछले चुनाव में बोकारो विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस की सीधी टक्कर हुई थी। कांग्रेस के टिकट पर स्वर्गीय समरेश सिंह की छोटी बहु स्वेता सिंह चुनाव लड़ी थी। उस चुनाव में स्वेता सिंह करीब 99,000 वोट लाकर भी भाजपा विधायक बिरंची नारायण से हार गई थी। कांटेस्ट तगड़ा हुआ था, क्युकी स्वर्गीय समरेश सिंह खुद स्वेता सिंह के लिए अपने जीवन की आखरी कैंपेनिंग किये थे। इस परिवार की बड़ी बहु के भाजपा में जाने से चुनावी गणित में असर पड़ सकता है।

समरेश सिंह की राजनितिक विरासत किसकी ?
बोकारो क्षेत्र में पिछले दो दशको में हुए विधानसभा चुनाव में स्वर्गीय समरेश सिंह की धमक रही है। वह पांच बार विधायक रहे है। पिछले चुनाव में उन्होंने स्वेता सिंह के समर्थन में वोट माँगा था और कांग्रेस की स्तिथि मजबूत की थी। परिंदा सिंह भी कांग्रेस में थी। स्वर्गीय समरेश सिंह के 2022 दिसम्बर के देहांत के बाद, राजनीती को लेकर, दोनों बहुओ के बीच चल रही अंदुरुनी गुथम-गुथि, पहली बर्सी तक अंदर दबी रही। जो उसके बाद उभर कर आ गई। स्वर्गीय समरेश सिंह के पहली बर्सी का आयोजन दोनों बहुओ ने अलग-अलग किया।

एक राजनीतिक परिवार दो धाराओं में गया बट
चुकी पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और स्वर्गीय समरेश सिंह करीबी थे, इसलिए बाबूलाल मरांडी उनको श्रदांजलि देने बोकारो आये थे। स्तिथि को भापतें हुए और राजनितिक दृष्टिकोण से वह पहले स्वेता सिंह के श्रद्धांजलि सभा में गए और उसके बाद परिंदा सिंह के कार्यक्रम में भी उपस्तिथि दर्ज़ कराई।

बोकारो के राजनीती में दिलचस्पी रखने वालो को, परिंदा सिंह का भाजपा के तरफ झुकाव का इशारा उसी दिन मिल गया था। जो आज उनके भाजपा में जाने के बाद चर्चे में बदल गया। बोकारोवासियों के नजरो में एक राजनीतिक परिवार दो धाराओं में बट गया। ये कांग्रेस के लिए कितना नुकसानदायक हुआ और भाजपा के लिए कितना लाभदायक ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा।

परिंदा सिंह-
परिंदा सिंह के अनुसार वह अपनी पूरी टीम के साथ भाजपा के साथ जुड़ी है। यह उनके लिए घर वापसी की तरह है। हम किसी राजनितिक दल में नहीं बल्कि उस परिवार में शामिल हुए है। जिसको बाबूजी (स्वर्गीय समरेश सिंह) ने जॉइंट बिहार के समय अपनी भावना, मेहनत, नेतृत्व से पोषित और समृद्ध किया था। हम उस विचारधारा को अपना रहे है, जिसमे चलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और समाज को मजबूत करना है।

भले ही कांग्रेस प्रत्याशी रही स्वेता सिंह कुछ न बोले या फिर स्तिथि को सँभालने का प्रयास करें पर लोगो के अनुसार कही न कही उनको भी धक्का लगा है।

कांग्रेस प्रदेश महासचिव स्वेता सिंह-
उन्होंने कहा मेरी शुभकामनाएं उनके (परिंदा सिंह) साथ है। इससे कांग्रेस को कोई भी नुक्सान नहीं होगा। यहां की जनता जानती है की पिछले चुनाव में स्वर्गीय समरेश सिंह कांग्रेस के लिए वोट मांगे थे। उनका आशीर्वाद मेरे साथ है। उनके दिखाए रास्ते पर में चल रही हूँ और उनकी दी हुई शिक्षा पर अमल कर रही हूँ।

नेता प्रतिपक्ष चंदनक्यारी विधायक अमर बाउरी-
विधायक अमर बाउरी ने परिंदा सिंह के भाजपा में सम्मलित होने को घर वापसी बताया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय समरेश सिंह हमलोग के लिए प्रेरणाश्रोत रहे है और रहेंगे। झारखण्ड को आगे ले जाने का सपना उन्होंने देखा था। उनके परिवार के सदस्य के भाजपा में आने पर उनका भी आशीर्वाद रहेगा।

बोकारो विधायक मुख्य सचेतक बिरंची नारायण-
बोकारो विधायक बिरंची नारायण ने कहा कि परिंदा सिंह का भाजपा में वह हृदय से स्वागत करते है। समाज के हित में और देश को मजबूत करने के लिए जो भी व्यक्ति भाजपा में आएगा वह उसका स्वागत करेंगे।

 

 


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