Bokaro: जिले के पर्यटन स्थलों को नई पहचान देने और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। शुक्रवार को जिला पर्यटन संवर्धन परिषद की शासी निकाय की बैठक समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता सुनील चंद्र, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बून समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पर्यटन स्थलों के चरणबद्ध विकास पर बनी रणनीति
बैठक में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के चरणबद्ध विकास पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक आकर्षित हों। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

सोशल मीडिया से चमकेगी पर्यटन स्थलों की पहचान
उपायुक्त ने जिले के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए इन स्थलों की विशेषताओं को लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि बोकारो को पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान मिल सके।
हर पंचायत में बनेंगे इको-फ्रेंडली पार्क
बैठक में प्रत्येक पंचायत में इको-फ्रेंडली पार्क विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अधिकारियों का मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन और मनोरंजन के नए अवसर भी सृजित होंगे। पर्यटकों को बेहतर मार्गदर्शन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त संख्या में सूचनात्मक संकेतक (साइनेज) लगाने का निर्णय लिया गया। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।
पहले चरण में पांच प्रमुख स्थलों पर फोकस
समिति ने प्रथम चरण में लुगुबुरु घंटाबाड़ी धोरोमगढ़, तेनुघाट डैम, गरगा डैम, भैरवनाथ धाम और चेचका धाम के विकास को प्राथमिकता देने का फैसला किया। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को इन स्थलों के समग्र विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकास से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी, जिससे बोकारो की पहचान एक उभरते पर्यटन केंद्र के रूप में मजबूत होगी।

