Bokaro: चिन्मय विद्यालय बोकारो में 9 सितंबर, बुधवार को सभी शिक्षकों के लिए एक दिवसीय इन-हाउस ट्रेनिंग कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का विषय ‘मूल्य आधारित शिक्षा’ रहा। इस अवसर पर अध्यक्ष बिस्वरूप मुखोपाध्याय, सचिव महेश त्रिपाठी, प्रभारी प्राचार्य नरमेंद्र कुमार एवं उप प्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा मौजूद रहे। रिसोर्स पर्सन के रूप में अर्पण चक्रबर्ती एवं अमन शर्मा ने सहभागिता की।


गुरु वंदना और दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत
कार्यशाला का शुभारंभ गुरु वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद सुप्रिया चौधरी ने प्रशिक्षण की विषय-वस्तु से शिक्षकों को परिचित कराया। उन्होंने मूल्य आधारित शिक्षा के महत्व को समझाते हुए ‘एकता में शक्ति’ के सिद्धांत पर विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से प्रकाश डाला। गतिविधियों के जरिए शिक्षकों को वैल्यू बेस्ड एजुकेशन की उपयोगिता समझाई गई।
भारतीय मूल्यों को शिक्षा से जोड़ने पर चर्चा
मुख्य रिसोर्स पर्सन अर्पण चक्रबर्ती और अमन शर्मा ने ‘चिन्मय परिचय’ कार्यक्रम तथा ‘चिन्मय विजन प्रोग्राम’ के संदर्भ में मूल्य आधारित शिक्षा पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों तक मूल्यों को पहुंचाने, उनके महत्व को समझाने और भारतीय मूल्यों को शिक्षा का आधार बनाने के उद्देश्यों पर विस्तार से विचार साझा किए।

रोचक गतिविधियों से प्रशिक्षण बना प्रभावी
कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तर सत्रों के साथ कई रोचक गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को मूल्य आधारित शिक्षा को विद्यार्थियों के दैनिक जीवन से जोड़ने के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया।
विद्यार्थियों में बचपन से संस्कार विकसित करने पर जोर
समापन पर प्रभारी प्राचार्य नरमेंद्र कुमार ने सभी रिसोर्स पर्सन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मूल्य भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण विशेषता हैं। उन्होंने चिन्मय विजन कार्यक्रम के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए शिक्षकों से विद्यार्थियों में छोटी उम्र से ही मूल्यों को विकसित करने और उन्हें दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
