Bokaro: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से गुरुवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक (CMD) डॉ. अशोक कुमार पांडा ने शिष्टाचार मुलाकात की।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही उपस्थिति
बैठक के दौरान राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी उपस्थित रहे। वहीं, बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के निदेशक-प्रभारी प्रिय रंजन तथा सेल (खनन) के अधिशासी निदेशक वी. मानवटी भी इस अवसर पर मौजूद थे।

औद्योगिक विकास पर सकारात्मक माहौल
यह शिष्टाचार भेंट ऐसे समय में हुई है जब झारखंड में स्टील एवं खनन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों और औद्योगिक गतिविधियों पर लगातार जोर दिया जा रहा है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और SAIL के शीर्ष अधिकारियों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई।
राज्य सरकार और SAIL के बीच समन्वय
इस अवसर पर राज्य सरकार और SAIL के वरिष्ठ अधिकारियों ने औपचारिक रूप से एक-दूसरे का अभिवादन किया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने राज्य में औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी सकारात्मक माहौल में चर्चा की।
BSL विस्तार परियोजना को मिलेगी गति
बताया जा रहा है कि बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के आधुनिकीकरण एवं विस्तार कार्यक्रम के तहत SAIL लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश कर संयंत्र की कच्चे इस्पात (Crude Steel) उत्पादन क्षमता को मौजूदा 5.25 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) से बढ़ाकर 7.55 MTPA करने की दिशा में काम कर रहा है। इस विस्तार योजना में 4,500 घन मीटर क्षमता वाले नए ब्लास्ट फर्नेस, अत्याधुनिक स्टील मेकिंग एवं रोलिंग सुविधाओं तथा अन्य सहायक इकाइयों की स्थापना शामिल है।
लौह अयस्क आपूर्ति के लिए बनेगी 258 किमी स्लरी पाइपलाइन
परियोजना के लिए कच्चे माल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से SAIL अपनी झारखण्ड स्तिथ लौह अयस्क खदानों से बोकारो स्टील प्लांट तक 258 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन भी विकसित कर रहा है। इसे देश के स्टील क्षेत्र की सबसे लंबी स्लरी पाइपलाइन बताया जा रहा है। इस पाइपलाइन के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 8.3 मिलियन टन लौह अयस्क सीधे संयंत्र तक पहुंचेगा, जिससे रेलवे रैक पर निर्भरता कम होगी, परिवहन लागत में कमी आएगी और उत्पादन प्रक्रिया अधिक पर्यावरण-अनुकूल एवं निर्बाध बनेगी। SAIL की दीर्घकालिक रणनीति के तहत लौह अयस्क खनन क्षमता बढ़ाने और आधुनिक लॉजिस्टिक नेटवर्क विकसित करने की यह परियोजना बोकारो स्टील प्लांट की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को नई मजबूती प्रदान करेगी।

